सरकार बातचीत को तैयार, फिर बैंक हड़ताल क्यों? BMS ने उठाए सवाल
11 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल को राजनीति से प्रेरित बताया, जनहित में संवाद से समाधान निकालने की अपील
मेरठ। भारतीय मजदूर संघ (BMS) और उत्तर प्रदेश बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन ने बैंक कर्मचारियों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए 11 सितंबर को वामपंथी यूनियनों द्वारा प्रस्तावित बैंक हड़ताल पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने हड़ताल को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और कई मुद्दों पर सकारात्मक पहल हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन के महामंत्री अनुज त्यागी ने कहा कि सात सितंबर को वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक में परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और पांच दिवसीय बैंकिंग जैसे मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी है। ऐसे में मांगों के समाधान के लिए संवाद का रास्ता खुला हुआ है।
BRICS सम्मेलन के दौरान हड़ताल पर सवाल
अनुज त्यागी ने कहा कि 12-13 सितंबर को देश में BRICS सम्मेलन होने जा रहा है। ऐसे समय हड़ताल का आह्वान करना बैंक कर्मचारियों के हितों से अधिक राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित कदम प्रतीत होता है। उन्होंने दावा किया कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित हो सकती है।
जनहित को प्राथमिकता देने की अपील
BMS ने वामपंथी यूनियनों से हड़ताल पर पुनर्विचार करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि त्योहारों के दौर में बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान से आम लोगों को परेशानी हो सकती है। इसलिए कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए संवाद और वार्ता का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
संगठन ने कहा कि बैंक कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ बैंकिंग सेवाओं की सुगमता और आम जनता की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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