योगी का राष्ट्र प्रथम मंत्र: व्यक्ति से बड़ा दल, दल से बड़ा राष्ट्र
शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में सीएम बोले—यूपी को हर हाल में जीतना है; हर बूथ की समीक्षा, पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय कर परिवार-परिवार तक पहुंचें
मेरठ। भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा राष्ट्र होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ की समीक्षा करने, प्रभावी टीम तैयार करने, पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करने और एक-एक परिवार तक पहुंच बनाने का आह्वान किया।
'मेरा क्या' की जगह 'मैं देश के लिए क्या कर रहा हूं'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में 'मेरा क्या' की भावना के बजाय 'मैं अपने देश के लिए क्या कर रहा हूं' का भाव होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने के साथ प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाने को कहा।
एक्सप्रेसवे से नमो भारत तक विकास का उल्लेख
सीएम योगी ने प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब एक्सप्रेसवे, नमो भारत, मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट और औद्योगिक विकास से हो रही है। मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, दिल्ली-मेरठ नमो भारत और पश्चिमी यूपी में चल रही परियोजनाओं को उन्होंने बदलते क्षेत्र की तस्वीर से जोड़ा।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पर भी जोर दिया। मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और वैश्विक पहचान मिलने से रोजगार तथा कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं।
योगी के नाम के नारे से गूंजा पंडाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन की घोषणा होते ही सम्मेलन स्थल 'योगी-योगी' के नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद योगी ने संगठन की मजबूती और राजनीतिक कार्यशैली को लेकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
कांग्रेस, सपा और बसपा पर परिवारवाद-जातिवाद का आरोप
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति के कारण सत्ता को लेकर एक अलग तरह की धारणा बनी और राजनीति को व्यक्तिगत हित साधने से जोड़कर देखा जाने लगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से इस तरह की राजनीति से अलग राष्ट्र और संगठन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
महापुरुषों को जाति के दायरे में नहीं बांधें
योगी ने कोतवाल धन सिंह गुर्जर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और दुर्गा भाभी का उल्लेख करते हुए कहा कि महापुरुष किसी एक जाति के नहीं होते। उन्होंने समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने के प्रयासों से बचने का आह्वान किया।
हर बूथ की समीक्षा और परिवारों की मैपिंग
मुख्यमंत्री ने शक्ति केंद्र संयोजकों से प्रत्येक बूथ की समीक्षा करने, प्रभावी टीम तैयार करने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने परिवारों की मैपिंग कर एक-एक परिवार तक पहुंच बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शक्ति केंद्र जितना मजबूत होगा, संगठन उतना ही प्रभावी होगा। कार्यकर्ताओं से बूथ, शक्ति केंद्र और पन्ना प्रमुखों की व्यवस्था को लगातार मजबूत करने का आह्वान किया गया।
आने वाली पीढ़ी को बताएं क्या बदला
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने समय में हुए विकास कार्यों को याद रखें और आने वाली पीढ़ी को बताएं कि उनके समय में क्षेत्र में क्या बदलाव आया। उन्होंने एक्सप्रेसवे, नमो भारत और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए इन्हें बड़े बदलावों से जोड़ा।

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