सेंट्रल मार्केट की 16,726 अवैध इमारतें सील करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने जोन-ए की व्यावसायिक गतिविधियों वाली संपत्तियों पर लिया संज्ञान, जोन बी, सी और डी में भी अवैध संपत्तियां चिन्हित करने के निर्देश; अगली सुनवाई 9 दिसंबर को
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के जोन-ए में चिन्हित 16,726 अवैध इमारतों को सील करने का आदेश दिया है। इन संपत्तियों में आवासीय उपयोग के बजाय व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। कोर्ट ने जोन बी, सी और डी में भी ऐसी संपत्तियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।
सुनवाई न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और के. विश्वनाथन की पीठ के समक्ष हुई। आवास एवं विकास परिषद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन पहवा ने पक्ष रखा, जबकि प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के 486 आवासों के लिए पुनर्वास नीति तैयार की जा रही है। परिषद ने 14 जुलाई के आदेश की अनुपालन रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की।
उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों पर कोर्ट ने मांगा जवाब
उल्देपुर में विकसित की गई अवैध कॉलोनियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद से सवाल किया कि ये कॉलोनियां कैसे अस्तित्व में आईं। प्रमुख सचिव सुनवाई के दौरान ऑनलाइन मौजूद रहे। कोर्ट ने प्रत्येक कॉलोनी को ध्वस्त किए जाने की बात कही।
व्यापारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सूरत सिंह ने ध्वस्तीकरण से पहले पुनर्वास और तब तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग रखी। कोर्ट ने कहा कि पुनर्वास से संबंधित मामले को आवास एवं विकास परिषद देखेगा।
छह भवनों पर हो चुकी है कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद ने सील की गई 44 संपत्तियों को लेकर कार्रवाई शुरू की थी। परिषद के अनुसार, इन संपत्तियों का उपयोग आवासीय था, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
परिषद ने सील खोलकर सर्वे कराया और आवंटियों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अनधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए। तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर 16 सितंबर को छह भवनों को ध्वस्त किया गया, जिनमें पांच कॉम्प्लेक्स और एक बैंक्वेट हॉल शामिल था।
171 दिन से महिलाओं का धरना जारी
सेक्टर-2 में कार्रवाई के विरोध में महिलाएं पिछले 171 दिनों से धरने पर बैठी हैं। सोमवार को भी शीतल पुजानी, राधा गुप्ता, जगरोशनी, रजनी और ऊषा समेत अन्य महिलाओं ने धरना जारी रखा। महिलाओं ने कहा कि मकानों को तोड़ने की कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांग रहे व्यापारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सोमवार को मेरठ दौरे के दौरान कुछ व्यापारियों ने उनसे मुलाकात का समय मांगा। वहीं मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने व्यापारियों के इस प्रयास पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में इस तरह मुलाकात का प्रयास उचित नहीं है।

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