भाकियू महापंचायत में टिकैत का भाजपा पर हमला
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को समर्थन; जयंत चौधरी पर भी साधा निशाना
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन की ओर से कमिश्नरी पार्क में आयोजित महापंचायत में राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पर्चे निरस्त कराकर निर्विरोध चुनाव जितवाती है। टिकैत ने किसानों से आंदोलन के साथ जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा कि 2027 के चुनाव में हर व्यक्ति अपनी पसंद के अनुसार मतदान करे।
महापंचायत में जयंत चौधरी को लेकर पूछे गए सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि बार-बार एक ही व्यक्ति के बारे में सवाल क्यों किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब जयंत चौधरी को कृषि मंत्रालय मिलेगा, तब उनसे सवाल किया जाएगा।
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में उतरे
राकेश टिकैत ने मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व्यापारियों की दुकानें तोड़कर उनका कारोबार खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान व्यापारियों और प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं और उन्हें पूरा समर्थन दिया जाएगा। महापंचायत के मंच से किसान-व्यापारी एकजुटता का संदेश भी दिया गया।
रवि गौतम से मिले, पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी
महापंचायत के दौरान टिकैत कमिश्नरी पार्क में धरने पर बैठे रवि गौतम से भी मिलने पहुंचे। उन्होंने उनकी मांगों और पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिस कार्रवाई को निंदनीय बताया। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए टिकैत ने कहा कि आंदोलनकारियों के साथ किसी तरह की ज्यादती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनके लोगों के साथ ऐसी घटना हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अतुल प्रधान ने बांटे केले और कोल्ड ड्रिंक
महापंचायत में सरधना विधायक अतुल प्रधान भी पहुंचे। उन्होंने मेरठ कॉलेज के गेट के सामने छोटे हाथी पर चढ़कर किसानों और राहगीरों को केले और कोल्ड ड्रिंक वितरित की। बड़ी संख्या में लोगों ने केले और पेय पदार्थ लिए। विधायक के इस अंदाज की मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा रही।
यह है किसानों की समस्याएं.
-किसानों नलकूप के बिजली कनेक्शन के लोड मनमाने तरीके से बढ़ाना । लोड बढ़कर किसानों से पेनल्टी वसूलने और बिजली के बढे बिल भेजना।
-किसानों के कनेक्शन पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाना।
-ट्यूबवेल के लिए रात में 12:00 बजे के बाद बिजली आपूर्ति देना।
-ट्यूबवेल पर आए दिन चोरी होना।
-खाद समितियों में खाद न मिलना। खाद का संकट।
-समितियों में लोन पर ब्याज की अधिक वसूली।
-समितियों पर खाद की कालाबाजारी समेत ब्याज वसूली पर बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है।
-चीनी महंगी होने के बावजूद किसानों को बोनस न मिलन।
-गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न होना।
-नगर निगम सीमा में आए ग्रामों मैं सड़क बिजली पानी आदि सुविधाओं की बदहाली ।
-नगर निगम समेत सभी विकास खंडों तहसीलों में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाने में बड़ा भ्रष्टाचार।
-तहसीलों में विरासत जमीन नामांतरण अंश निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली और लेखपालों का रिश्वत मांगना।
-तालाब सफाई न होना।
-तालाब के टेंडर मछली पालन हेतु छोड़े जाने से किसानों को परेशानी।
-जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज में इलाज न मिलना। सीएचएसी, पीएचसी में सुविधाएं और डाक्टरों का न होना।-पशुपालन विभाग में अस्पतालों में डॉक्टर न होना, समय पर टीकाकरण न होना।
देर रात तक कमिश्नरी कार्यालय में भाकियू के नेताओं के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मांगों को लेकर वार्ता होती रही



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