शटलकॉक-बैडमिंटन यूनिट युवाओं को कौशल से जोड़ने की पहल
डीएम ने सीसीएसयू की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया निरीक्षण, रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर दिया जोर
मेरठ, 8 सितंबर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में स्थापित शटलकॉक एवं बैडमिंटन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का मंगलवार को जिलाधिकारी विजय कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने यूनिट की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रक्रिया के साथ प्रशिक्षण और रोजगारपरक गतिविधियों की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने समाज कल्याण और कौशल विकास की दृष्टि से संचालित यूनिट की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल युवाओं को व्यावहारिक कौशल से जोड़ने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के निर्देशन में विश्वविद्यालय शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का एक्सीलेंस सेंटर कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मैन्युफैक्चरिंग जैसी इकाइयों के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने इस पहल के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई दी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल भी मौजूद रहीं। विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. प्रदीप चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. विजेता गौतम, आलम प्रशांत और सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने यूनिट की मौजूदा गतिविधियों और भविष्य की संभावनाओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शटलकॉक एवं बैडमिंटन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्देश्य कौशल विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। जिलाधिकारी के निरीक्षण और सराहना से इस पहल को आगे विस्तार मिलने की उम्मीद है।


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