जैनाचार्य सौरभ सागर जी महाराज का एक दिवसीय प्रवास
साकेत स्थित आईआईएमटी कुलाधिपति के आवास पर श्रद्धालुओं को दिया जीवन को श्रेष्ठ बनाने का संदेश, सदाचार और संस्कारों पर जोर
मेरठ। महातपस्वी जैनाचार्य 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज ने मंगलवार को आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता के साकेत स्थित आवास पर एक दिवसीय प्रवास किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाराज श्री का नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मंगलवार सुबह जिला कारागार में बंदियों को प्रवचन देने के बाद महाराज श्री ने साकेत स्थित आवास के लिए मंगल विहार किया। वहां उनका विधि-विधान और श्रद्धाभाव के साथ स्वागत किया गया। कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता, प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल, श्रीमती सौरभ गुप्ता और श्रीमती पियांशु अग्रवाल ने महाराज श्री को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंगल प्रवचन में जैनाचार्य ने कहा कि मनुष्य का जीवन अत्यंत मूल्यवान है। अच्छे विचार, श्रेष्ठ संस्कार, सदाचार, संयम और अनुशासन ही जीवन को सार्थक और श्रेष्ठ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागने के बजाय व्यक्ति को आत्मिक सुख और शांति की तलाश करनी चाहिए।
महाराज श्री ने श्रद्धालुओं से सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और परोपकार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से अच्छे संस्कार दिए जाएं तो वे परिवार के साथ समाज और राष्ट्र का भी नाम रोशन करते हैं। परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को सकारात्मक सोच, धैर्य और विवेक के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
प्रवचनों के दौरान वातावरण भक्ति और आध्यात्मिकता से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के चरणों में नमन कर आशीर्वाद लिया और उनके संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।


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