हथिनीकुंड बैराज में डूबे दो कमांडो का अब तक सुराग नहीं, रातभर चला सर्च ऑपरेशन जारी

डेंजर जोन में स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा; सेना ने तीन कमांडो को सुरक्षित बाहर निकाला, 10 किलोमीटर के दायरे में तलाश

यमुनानगर, 2 सितंबर 2026। यमुना नदी पर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर मंगलवार शाम स्पेशल फोर्स के सैन्य अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। हेलिकॉप्टर से नदी में उतारी गई मोटर बोट का इंजन चालू नहीं हो सका। इसी दौरान तेज बहाव और पानी के खिंचाव की चपेट में आकर बोट पलट गई। हादसे में बोट सवार दो कमांडो तेज धार में बहकर लापता हो गए, जबकि तीन कमांडो तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। लापता दोनों जवानों की तलाश में रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बुधवार सुबह भी अभियान तेज कर दिया गया।

ट्रेनिंग के अंतिम दिन हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, स्पेशल फोर्स के जवानों का विशेष सैन्य अभ्यास 30 अगस्त से हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में चल रहा था। मंगलवार शाम करीब पांच बजे अभ्यास का अंतिम चरण था। प्रक्रिया के तहत जवान हेलिकॉप्टर से एक-एक कर यमुना की अपस्ट्रीम में खड़ी मोटर बोट में उतर रहे थे।

सभी जवानों के बोट में सवार होने के बाद मोटर बोट का इंजन चालू नहीं हो सका। इसी दौरान नदी के तेज बहाव और खिंचाव ने बोट को अपनी चपेट में ले लिया। बोट असंतुलित होकर पलट गई और उसमें सवार सभी जवान पानी में गिर गए।

600 मीटर तैरकर तीन कमांडो निकले सुरक्षित

सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, हादसा बैराज के डेंजर जोन के बेहद करीब हुआ, जहां पानी का बहाव और खिंचाव काफी तेज रहता है। हादसे के बाद तीन कमांडो ने साहस दिखाते हुए तेज बहाव में तैरना शुरू किया और करीब 600 मीटर तक तैरकर नहर के खुले गेट की तरफ से सुरक्षित बाहर निकल आए।

हालांकि, उनके दो साथी तेज धार और गहरे पानी में बह गए। इसके बाद सेना और प्रशासन ने तत्काल बड़े स्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

10 किलोमीटर के दायरे में रातभर चला सर्च ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही कर्नल योगेंद्र के नेतृत्व में सेना की टीम मौके पर पहुंची। सेना के करीब 50 जवानों और अनुभवी गोताखोरों की टीमें यमुना नदी तथा नहर के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में लापता कमांडो की तलाश में जुटी रहीं।

सर्च ऑपरेशन में दो हेलिकॉप्टरों से भी हवाई निगरानी की जा रही है। इसके अलावा हरियाणा के प्रतापनगर और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर थाने की पुलिस टीमों के साथ हरियाणा और यूपी की एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ टीमें भी मौके पर तैनात हैं।

बहाव कम कराने का प्रयास

रेस्क्यू अभियान को आसान बनाने के लिए सिंचाई विभाग से संपर्क कर पश्चिमी यमुना नहर में पानी का स्तर और बहाव नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर सेना के दो ट्रक और वेंटिलेटर युक्त अत्याधुनिक एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं।

एडीसी नवीन आहूजा समेत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। सेना की ओर से फिलहाल हादसे को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बुधवार सुबह लापता दोनों कमांडो की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया।

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