प्राकृतिक स्वाद और भरोसे का संगम बना हिमालयन रॉक सॉल्ट
खान-पान को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच सेंधा नमक की मांग बढ़ी, टाटा सॉल्ट हिमालयन रॉक सॉल्ट में प्राकृतिक मिनरल्स मौजूद होने का दावा
मेरठ। खान-पान को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच लोगों का रुझान प्राकृतिक और कम प्रोसेस किए गए खाद्य उत्पादों की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में सेंधा नमक यानी रॉक सॉल्ट का इस्तेमाल भी रोजमर्रा के भोजन में बढ़ा है। भारतीय परंपरा और आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल किए जाने वाले सेंधा नमक को लोग इसके प्राकृतिक स्वरूप और स्वाद के लिए पसंद करते हैं।
बाजार में सेंधा नमक के कई विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे में उपभोक्ता उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी निर्माण प्रक्रिया पर भी ध्यान दे रहे हैं। टाटा सॉल्ट हिमालयन रॉक सॉल्ट प्राकृतिक सेंधा नमक के विकल्प के तौर पर बाजार में उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार, इसमें पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे प्राकृतिक मिनरल्स की थोड़ी मात्रा मौजूद रहती है।
पानी में घोलने पर दिखता है प्राकृतिक अंतर
सेंधा नमक में मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स के कारण इसके दानों का रंग अलग-अलग दिखाई दे सकता है। नमक को पानी में घोलकर फिल्टर करने पर घुलनशील नमक साफ घोल का रूप लेता है, जबकि कुछ प्राकृतिक रंगीन कण फिल्टर पर रह जाते हैं। कंपनी के अनुसार, यह प्रक्रिया सेंधा नमक में मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स की विशेषता को दर्शाती है।
कंपनी का दावा है कि टाटा सॉल्ट हिमालयन रॉक सॉल्ट की हालिया प्रयोगशाला जांच में यह गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाया गया है। साथ ही, इसमें सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
स्वाद के साथ प्राकृतिक विकल्प
सेंधा नमक का इस्तेमाल भोजन पकाने के साथ-साथ तैयार व्यंजनों के ऊपर छिड़कने के लिए भी किया जाता है। इसके विशिष्ट स्वाद के कारण यह विभिन्न व्यंजनों में अलग स्वाद देने वाला नमक माना जाता है। कंपनी के अनुसार, टाटा सॉल्ट हिमालयन रॉक सॉल्ट उपभोक्ताओं को प्राकृतिक स्वरूप के साथ ब्रांड की गुणवत्ता का भरोसा देने का प्रयास करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नमक या खाद्य उत्पाद का चुनाव करते समय केवल प्राकृतिक या मिनरल्स जैसे दावों के बजाय कुल सोडियम सेवन और व्यक्तिगत आहार जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

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