वीरता, त्याग और राष्ट्रप्रेम की गाथाओं से गूंजा सुभारती विश्वविद्यालय
‘भारत गौरव गाथा’ में राम से लेकर भगत सिंह, कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रसंग हुए जीवंत; युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संदेश
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय और पंवार वाणी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मांगल्य प्रेक्षागृह में ‘भारत गौरव गाथा’ संगीतमय शौर्य गाथा का आयोजन किया गया। गीत, संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय इतिहास के वीरता, त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से जुड़े प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया गया। करीब 20 से 25 कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने प्रकाश एवं दृश्य प्रभावों के साथ प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण, सम-कुलाधिपति मेजर जनरल (डॉ.) जीके थपलियाल, एसएम (सेनि.), कुलपति प्रो. (डॉ.) विनय कुमार मित्तल, ओज एवं वीर रस के कवि डॉ. हरिओम पंवार, अमित जोशी, अवनी कमल और संयोजक विवेक कुमार बाफर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का पौधा, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न देकर स्वागत किया गया।
इतिहास के गौरवशाली प्रसंगों का मंचन
‘भारत गौरव गाथा’ में भगवान राम, महाभारत काल, भगवान बुद्ध, गुरु नानक देव, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, वीर सावरकर और लाल-बाल-पाल के योगदान और संघर्षों को प्रस्तुत किया गया। गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत, रानी चेनम्मा का साहस और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रसंग भी मंचित हुए।
आधुनिक भारत के भारत-पाक और भारत-चीन युद्ध, कारगिल विजय, आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष, कश्मीर, बांग्लादेश, राम मंदिर निर्माण और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषयों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। दर्शकों ने तालियों और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश
ओज के कवि विनीत चौहान ने कविताओं की संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारत की धरती ने ऐसे वीरों और राष्ट्रनायकों को जन्म दिया, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया।
सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने 21 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व’ के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से इसमें सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़कर युवा अपने राष्ट्रीय दायित्वों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
सुभारती रक्षा अकादमी के निदेशक कर्नल राजेश त्यागी, एसएम (सेनि.) ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर का महापर्व आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के संयोजक विवेक कुमार बाफर ने कहा कि ‘भारत गौरव गाथा’ का उद्देश्य भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों को प्रभावशाली ढंग से युवाओं तक पहुंचाना है। प्रस्तुति का निर्देशन डॉ. देशराज मीणा ने किया, जबकि संचालन राम प्रकाश तिवारी ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, साहित्य प्रेमी और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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