बढ़ी प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में जोड़ा जाए
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, लंबित राशि के भुगतान की भी मांग
मेरठ। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जा रही 2500 रुपये और सहायिकाओं को 1250 रुपये की बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल कर नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही पूर्व में लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने का भी आग्रह किया गया।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि बढ़ी हुई राशि को अलग से प्रोत्साहन के बजाय मूल मानदेय में शामिल किए जाने से हर माह नियमित भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा और आर्थिक अनिश्चितता कम होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या का मुद्दा
ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का भी उल्लेख किया गया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार कई गांवों में नेटवर्क सुचारु नहीं होने के कारण जीपीएसओ अथवा अन्य ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन और उपस्थिति का रिकॉर्ड दर्ज करने में परेशानी होती है। नेटवर्क कमजोर होने की स्थिति में निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना कई बार संभव नहीं हो पाता।
विभागीय कार्यों के लिए केंद्र से बाहर जाने की मजबूरी
कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें केंद्र संचालन के अलावा विभागीय बैठकों, प्रशिक्षण, परियोजना कार्यालय और अन्य सरकारी कार्यों के लिए भी केंद्र से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में केंद्र से बाहर रहने के दौरान ऑनलाइन उपस्थिति या संचालन संबंधी विवरण दर्ज करना व्यावहारिक समस्या बन सकता है। इसी आधार पर ज्ञापन में जीपीएसओ व्यवस्था लागू नहीं करने की मांग की गई है।
ज्ञापन के माध्यम से शासन स्तर पर सभी मांगों पर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया गया। आवेदन पर संतोष परमार के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन 18 सितंबर को जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया।

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