दहेज प्रथा सामाजिक बीमारी, अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझें छात्राएं

शहीद मंगल पांडे महिला कॉलेज में विधिक जागरूकता कार्यशाला, अधिवक्ता ने बताए दहेज कानून के कानूनी पहलू

मेरठ, 26 सितंबर। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, माधवपुरम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंतरिक परिवाद निवारण समिति के तत्वावधान में ‘दहेज व्यवस्था के कानूनी पक्ष’ विषय पर विधिक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. डॉ. अंजू सिंह के संरक्षण और समिति प्रभारी प्रो. लता कुमार के निर्देशन में हुआ।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता एवं परामर्शदाता महिला अधिवक्ता उर्वशी सिंह, विशिष्ट वक्ता एसआई आशुतोष यादव तथा मिशन शक्ति प्रभारी एसआई नीलम कुन्तल ने छात्राओं को दहेज प्रथा से जुड़े कानूनी प्रावधानों और अधिकारों की जानकारी दी।

प्राचार्य प्रो. अंजू सिंह ने कहा कि दहेज प्रथा आज भी एक ज्वलंत सामाजिक मुद्दा है। छात्राओं को इसके कानूनी और सामाजिक पक्ष की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए प्रो. लता कुमार को शुभकामनाएं दीं।

मुख्य वक्ता अधिवक्ता उर्वशी सिंह ने दहेज से संबंधित कानूनी प्रावधानों, अधिकारों और जिम्मेदारियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि दहेज सामाजिक बुराई है, जिसके खिलाफ जागरूकता जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को समझने और स्वतंत्रता का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की बात कही।

कार्यशाला में छात्राओं ने विशेषज्ञों से संवाद करते हुए दहेज प्रथा और कानून से जुड़े सवाल पूछे, जिनका वक्ताओं ने समाधान किया। कार्यक्रम में आंतरिक परिवाद निवारण समिति के सदस्यों के अलावा प्रो. गीता चौधरी, प्रो. अनुजा गर्ग, डॉ. मनीषा भूषण और डॉ. गजेंद्र सिंह समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे। कार्यशाला में 50 से अधिक छात्राओं ने सहभागिता की।

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