सीएम योगी ने अखिलेश पर कसा करारा तंज
- बोले- गिनती नहीं आती तो शिवपालजी के सानिध्य में बैठ जाइएलखनऊ (एजेंसी)। यूपी में 6 महीने में 1 लाख युवाओं को सरकार नौकरी मिलेगी। सीएम योगी ने लखनऊ में मंगलवार को इसका ऐलान किया। इसके साथ ही सीएम ने अखिलेश यादव पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा नौकरी दे रहे और देते जाएंगे। आप गिनते जाइए। गिनती नहीं आती है तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाइए, वे गिनती सिखा देंगे। शिवपाल जी पढ़े-लिखे हैं। उनके सानिध्य में बैठेंगे तो अच्छा सिखा देंगे
सीएम ने 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को जॉइनिंग लेटर भी बांटा। इन सभी की नियुक्ति ऐसे निजी स्कूलों में हुई है, जिन्हें सरकार से आर्थिक सहायता मिलती है, जहां माध्यमिक स्तर तक पढ़ाई होती है।
सीएम ने पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार की तारीफ की। कहा- आयोग ने जिस पारदर्शिता और समय-सीमा के अंदर भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया है, वह मिसाल है। प्रशांत कुमार शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष इसलिए बनाया, ताकि नकल माफिया की कमर तोड़ सके। आप जैसे प्रतिभावान छात्रों को सैफई सिंडेकेट डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सके। यूपी पुलिस ने उन्होंने अच्छा काम किया था अब आयोग और बोर्ड को सुधारना है, वह अभियान चल रहा है।
सीएम ने प्रयागराज में 22 दिनों से धरना दे रहे टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। सीएम ने कहा, ‘मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को पत्र लिखें। प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। हमने कहा कि वहां एक पत्र लिखो कि एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।’
सीएम ने कहा- 9 साल पहले जिस उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहकर चिढ़ाया जाता था, आज वही यूपी देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बनकर उभरा है। राज्य की अर्थव्यवस्था तीन गुना से अधिक बढ़ चुकी है। यूपी के नौजवानों के सामने जिन्होंने पहचान का संकट खड़ा किया था, उन्हें नौकरी नहीं देते थे, लेकिन यूपी के बाहर भी उनके सामने पहचान का संकट था। जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था, दुनिया यूपी वाला कहकर शक की निगाह से देखती थी। वे लोग आज उपदेश देते फिर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि पुरानी सोच और जड़ व्यवस्था युवाओं के आगे बढ़ने में रुकावट बनती है। ऐसे लोग नहीं चाहते कि कोई अच्छा बदलाव हो। 2047 के भारत की जिम्मेदारी वही युवा संभालेंगे, जो आज 12 से 17 साल की उम्र में स्कूलों में पढ़ रहे हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वे पढ़ाई के साथ छात्रों को देश के महापुरुषों की जीवनी और रोजमर्रा की घटनाओं से भी जोड़ें। इससे उनका सामान्य ज्ञान और समाज के प्रति समझ मजबूत होगी। शिक्षकों को समाज को बांटने वाली नकारात्मक सोच से भी छात्रों को बचाना होगा।


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