‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत’ से गूंजा सुभारती
शिकागो संबोधन की 133वीं वर्षगांठ पर दिग्विजय दिवस, फिल्म प्रदर्शन और क्विज में विद्यार्थियों ने लिया उत्साह से भाग
मेरठ। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो संबोधन की 133वीं वर्षगांठ पर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सत्यजीत रे ऑडिटोरियम में दिग्विजय दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और आदर्शों को याद करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन, सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। स्वामी विवेकानंद चेयर की अध्यक्षा एवं संयोजिका प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा ने मुख्य अतिथि सम-कुलाधिपति मेजर जनरल (डॉ.) जीके थपलियाल, एसएम (सेनि.) और कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम. याकूब का स्वागत किया। संचालन देविका और कनिष्का ने किया।
मुख्य अतिथि मेजर जनरल (डॉ.) जीके थपलियाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद चेयर केवल उनके जीवन और दर्शन के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी तक उनके विचार पहुंचाने और युवाओं में राष्ट्र, समाज एवं मानवता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का चिंतन आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र, अनुशासन और सेवा की प्रेरणा देता है।
कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम. याकूब ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं को सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से कठिन परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है। शिकागो संबोधन भारतीय संस्कृति, सहिष्णुता, मानवता और सर्वधर्म समभाव का संदेश विश्व मंच तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक क्षण था। युवाओं को उनके विचारों को अपने व्यक्तित्व और कार्यशैली में उतारना चाहिए।
फिल्म प्रदर्शन और क्विज ने बढ़ाया उत्साह
समारोह में स्वामी विवेकानंद के जीवन और योगदान पर आधारित विशेष फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने फिल्म के माध्यम से उनके जीवन-संघर्ष, विचारों और मानवीय मूल्यों को समझा। इसके बाद उनके जीवन, दर्शन, शिकागो संबोधन और समाज के प्रति योगदान पर आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. सुभाष त्रिपाठी, कर्नल राजेश त्यागी, डॉ. पिंटू मिश्रा, डॉ. सुधीर त्यागी, डॉ. तारक नाथ प्रसाद, डॉ. अजय वर्मा सहित शिक्षक, शोधार्थी, स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे। आयोजन का संदेश रहा कि युवा स्वामी विवेकानंद के आत्मविश्वास, चरित्र, साहस और सेवा के आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


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