पीएम मोदी ने सेवा संकल्प यात्रा के युवाओं से किया संवाद

- देश के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा
नई दिल्ली (एजेंसी)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'सेवा संकल्प यात्रा' के प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत 204 से लेकर युवाओं तक, कई अहम मुद्दों पर बातचीत की।
बता दें कि सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर से शुरू होकर उनके सांसदी क्षेत्र वाराणसी तक पहुंच रही है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए पीएम मोदी ने युवाओं के सेवा कार्यों की सराहना की और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।
संवाद के दौरान पीएम मोदी ने शक्ति की सप्तधारा से विकसित भारत के निर्माण पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को एक और काम करना है। इस वर्ष लाल किले से शक्ति की जिन सप्तधाराओं की चर्चा मैंने की है, उनके विषय में भी आपको लोगों से बात करनी है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग की धारा, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की धारा, कनेक्टिविटी की धारा जैसी 7 धाराएं विकसित भारत के निर्माण की बहुत बड़ी ऊर्जा बनेगी। इस ऊर्जा को हर नागरिक से ही गति मिलेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और यही पीढ़ी एक बड़ी लाभार्थी भी होगी। उन्होंने कहा कि इस दायित्व को निभाने के लिए भारत को जमीन पर जानना, समझना, देश की हर बारीकियों को अनुभव करना जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि सेवा ही हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए और सेवा करते-करते ही सेवा का संदेश देना है, कोई उपदेश नहीं देना है। हम सेवा करके ही सेवा का संदेश देंगे, शब्दों में नहीं देंगे। पीएम ने आगे इस बात पर जोर दिया कि हमारे आचरण से ही लोगों को पता चले कि राजनीति में सत्ता कितनी ही बड़ी क्यों न हो जाए, लेकिन हमारा मार्ग सेवा का ही रहेगा। हम कभी भी सेवा के मार्ग से विचलित नहीं होंगे। कितने ही ऊंचे शिखर पर पहुंचेंगे, लेकिन 'सेवा परमो धर्म:' के भाव को लेकर ही आगे बढ़ेंगे।
संवाद के दौरान पीएम मोदी ने अपने संगठन के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मैंने खुद कई यात्राओं का आयोजन और नेतृत्व किया है। वे मौसम की मार और बदलती जरूरतों जैसी चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, इसलिए वे युवाओं के संघर्ष और जज्बे को भली-भांति समझ सकते हैं।

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