यूपी में बिजली संकट बरकरार, तीन प्लांट चालू होने से मिली राहत

27 हजार मेगावाट तक पहुंची आपूर्ति, पीक डिमांड 29,800 MW; अगले दो दिन में 1,250 MW और बढ़ने की उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली संकट के बीच बुधवार को तीन बंद बिजली इकाइयों के चालू होने से कुछ राहत मिली। अनपरा-डी, हरदुआगंज-ई और ओबरा-बी की यूनिट-10 शुरू होने से करीब 1,300 मेगावाट बिजली उपलब्धता बढ़ी है। इसके बावजूद प्रदेश में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। 15 सितंबर को पीक डिमांड करीब 29,800 मेगावाट रही, जबकि करीब 27,000 मेगावाट तक ही आपूर्ति हो सकी।

दो दिन में 1,250 MW और मिलने की उम्मीद

ऊर्जा विभाग के मुताबिक अगले एक-दो दिन में एनपीजीसी सिंगरौली की यूनिट-2, टीआरएन एनर्जी की यूनिट-1, घाटमपुर की यूनिट-1 और जवाहरपुर की बंद इकाइयों के चालू होने की उम्मीद है। इनके शुरू होने से करीब 1,250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिल सकती है। जवाहरपुर की इकाइयां बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद थीं।

सात राज्यों से 2,400 MW पावर बैंकिंग

कमी को पूरा करने के लिए यूपी महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से पावर बैंकिंग के जरिए पीक आवर्स में औसतन 2,400 मेगावाट बिजली ले रहा है। केरल के साथ अगले पांच वर्षों तक गर्मियों में 500-600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेने को लेकर भी सहमति बनी है।

कोयले की कमी से 2,000 MW तक कम उत्पादन

कोयला खदान क्षेत्रों में बारिश और जलभराव के कारण थर्मल प्लांटों को पर्याप्त कोयला नहीं मिल पा रहा है। इससे यूपी को सिंगरौली, रिहंद, खुर्जा, मेजा, लैंको, रोजा और बारा की परियोजनाओं से करीब 1,500 से 2,000 मेगावाट बिजली कम मिल रही है। जयंत कोल माइंस में कोल साइलो गिरने से भी आपूर्ति प्रभावित हुई है।

एक्सचेंज में 10 रुपये यूनिट तक पहुंची दर

बिजली की कमी का असर पावर एक्सचेंज पर भी पड़ा है। विभाग के अनुसार 15 सितंबर को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में करीब 16 घंटे तक बिजली की दर 10 रुपये प्रति यूनिट रही। दिन में महंगी बिजली खरीदकर कटौती कम करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन रात में 2,000 से 3,000 मेगावाट की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित कटौती करनी पड़ रही है।

अनपरा का कोयला लैंको को डायवर्ट

रात के समय उत्पादन बढ़ाने के लिए अनपरा का कोयला लैंको की ओर डायवर्ट किया गया है। बारा को भी कोयला आपूर्ति में सुधार किया गया है। विभाग के मुताबिक इससे करीब 700 मेगावाट बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिली है। ऊर्जा विभाग कोयला आपूर्ति बढ़ाने के लिए कोयला मंत्रालय के संपर्क में है।

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