पटना में सड़क पर उतरे किसान-मजदूर और छात्र
गांधी मैदान से निकला मार्च, डाकबंगला चौराहे पर लाठीचार्ज
पटना। अलग-अलग मांगों को लेकर बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस एवं मजदूर-किसान संगठन सोमवार को सड़क पर उतरे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 12 जनसंगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर गांधी मैदान से लोकभवन मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के कारण गांधी मैदान के चारों ओर यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई।
गांधी मैदान से शुरू होनेवाले किसान-मजदूर संगठनों के राजभवन मार्च और छात्रों के सीएम हाउस घेराव के एलान को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ दी। करीब 200 पुलिसकर्मियों को वहां लगाया गया था लेकिन प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहा पहुंच गए। एआईवाईएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन सिन्हा और शेखपुरा के सीपीआई के जिला सचिव को हिरासत में लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास कर रही पुलिस ने स्थिति बेकाबू होते देख वाटर कैनन से पानी की बौछार शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया। गौरतलब है कि सीपीआई-एमएल समेत वामदलों एवं मजदूर संगठन बाढ़-सुखाड़ के स्थायी समाधान, महंगाई और बेरोजगारी आदि के मुद्दे पर आंदोल कर रहे हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि बाढ़-सूखे को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, डबल इंजन सरकार की जन विरोधी नीतियों, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने, भूमि अधिग्रहण के नाम लाखों एकड़ भूमि पूंजीपतियों को देने, महिलाओं-छोटी छोटी बच्चियों पर हो रहे जुल्म आदि के खिलाफ यह आंदोलन है।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि बिहार के 14 जिला बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है तो अन्य जिला सूखे की चपेट में है। बिहार एक साथ बाढ़ और सूखे की त्रासदी झेल रहा है। प्रदर्शन में किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, ट्रेड यूनियन, आईसा, बिहार महिला समाज समेत अन्य संगठन शामिल हैं। उधर छात्र स्थायी कुलपति एवं सेशन नियमित किए जाने की मांग कर रहे हैं।


No comments:
Post a Comment