आलू के भाव गिरने पर किसानों को मिलेगी आर्थिक राहत

भामाशाह भाव स्थिरता कोष, कोल्ड स्टोरेज शुल्क अनुदान और उन्नत आलू बीज योजना का मिलेगा लाभ

मेरठ मंडल में 80 हजार किसान 23 हजार हेक्टेयर में करते हैं आलू की खेती

मेरठ। बाजार में आलू के भाव गिरने पर किसानों को होने वाले नुकसान से राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने तीन योजनाएं संचालित की हैं। उद्यान विभाग के माध्यम से भामाशाह भाव स्थिरता कोष, कोल्ड स्टोरेज शुल्क अनुदान और आलू बीज योजना का लाभ किसानों को दिया जाएगा।

उप निदेशक उद्यान, मेरठ मंडल पूजा ने बताया कि मेरठ मंडल में करीब 140 शीतगृह संचालित हैं। इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत के करीब 119 शीतगृहों में किसानों का आलू भंडारित है। मंडल में करीब 80 हजार किसान 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती करते हैं। यहां औसतन 240 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादन होता है।

भाव गिरने पर 40 हजार तक की मदद

भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के तहत यदि आलू का बाजार भाव 700 रुपये प्रति कुंतल से नीचे आता है तो पात्र किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल पर प्रति हेक्टेयर 200 कुंतल तक आलू के लिए 100 रुपये प्रति कुंतल की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस तरह किसान को अधिकतम 40 हजार रुपये तक का लाभ मिल सकेगा।

यदि बाजार भाव और नीचे जाता है तो 700 रुपये प्रति कुंतल के निर्धारित मूल्य के 25 प्रतिशत की दर से अधिकतम 175 रुपये प्रति कुंतल, अथवा जो भी कम हो, उसके आधार पर सहायता दी जाएगी।

कोल्ड स्टोरेज शुल्क में भी अनुदान

निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले किसानों को भी राहत मिलेगी। योजना के तहत भंडारण शुल्क में 100 रुपये प्रति कुंतल की दर से अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए किसान को 20 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी।

उन्नत बीज खरीदने पर भी मिलेगा लाभ

उद्यान विभाग से उच्च गुणवत्ता और उन्नत किस्म का आलू बीज खरीदने वाले किसानों को भी योजना के तहत आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होने के साथ उत्पादन और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ऑनलाइन पंजीकरण कराएं किसान

उप निदेशक उद्यान ने किसानों से योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराने की अपील की है। किसान potato.uphorticulture.in पर पंजीकरण कर सकते हैं। योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए किसान अपने जिले अथवा मंडल के उद्यान विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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