चिता पर जल रहा था गलत शव, फोन आया तो मचा हड़कंप
पोस्टमार्टम हाउस में शवों की अदला-बदली, परिजन दूसरे शव का कर रहे थे अंतिम संस्कार; खुलासा हुआ तो 75 फीसदी जल चुका था शव
गया। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शवों की पहचान को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल कर्मचारियों ने परिजनों को उनके मृतक रिश्तेदार की जगह किसी दूसरे व्यक्ति का शव सौंप दिया। परिजन शव को लेकर श्मशान घाट पहुंच गए और अंतिम संस्कार शुरू कर दिया। इसी दौरान अस्पताल को गलती का पता चला और श्मशान घाट पर फोन कर चिता रोकने को कहा गया। लेकिन तब तक शव करीब 75 फीसदी जल चुका था।
विगन दास की जगह थमा दिया दूसरे का शव
गुरारू थाना क्षेत्र के वर्मा गांव निवासी विगन दास शुक्रवार को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान मगध मेडिकल अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। शनिवार को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजन सुबह से पोस्टमार्टम हाउस के बाहर शव मिलने का इंतजार कर रहे थे।
पोस्टमार्टम के बाद कर्मचारियों ने परिजनों को एक शव सौंप दिया। चेहरा देखते ही परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पहचान लिया कि शव विगन दास का नहीं है। इसके बाद अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया।
श्मशान पहुंचा असली शव, तब तक हो चुकी थी देर
इधर, जांच में पता चला कि विगन दास का शव किसी दूसरे मृतक के शव के साथ श्मशान घाट पहुंच चुका है। वहां अंतिम संस्कार भी शुरू हो गया था। पुलिस ने तत्काल श्मशान घाट पर फोन कर चिता बुझाने को कहा, लेकिन तब तक शव करीब 75 प्रतिशत जल चुका था। आनन-फानन में पानी डालकर आग बुझाई गई।
मृतक के परिजन सुनील कुमार ने मगध मेडिकल थाने में लिखित शिकायत दी है। उनका कहना है कि गांव में करीब 200 लोग अंतिम दर्शन के लिए इंतजार कर रहे थे। अस्पताल की लापरवाही के कारण परिवार को बेहद पीड़ादायक स्थिति का सामना करना पड़ा।
जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीके अग्रवाल ने मामले को कॉलेज प्रशासन से जुड़ा बताया है। प्राचार्य डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने कहा कि नियम के मुताबिक पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाना चाहिए। मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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