एमडीए में किसानों का हंगामा, कर्मचारियों ने खुद कर दी तालाबंदी

बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर तीन घंटे धरना, अधिवक्ता को रोकने पर बाउंसर से नोकझोंक; कई घंटे ठप रहा प्राधिकरण का काम

मेरठ। बढ़ा हुआ मुआवजा न मिलने से नाराज किसानों ने मंगलवार को मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। किसानों के गुस्से को देखते हुए एमडीए कर्मचारियों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर ही ताला लगा दिया। इससे कई कर्मचारी और काम से पहुंचे लोग अंदर ही फंस गए। कार्यालय में कई घंटे कामकाज प्रभावित रहा। इस दौरान एक अधिवक्ता को अंदर जाने से रोकने पर बाउंसर से उनकी नोकझोंक भी हो गई।

किसान लोहियानगर, वेदव्यासपुरी और गंगानगर आवासीय योजना में अधिग्रहित जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी मांग पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में किसान एमडीए परिसर में पहुंचे और करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया।



किसानों के पहुंचते ही गेट पर लगा दिया ताला

प्रदर्शन के दौरान किसानों को कार्यालय के अंदर जाने से रोकने के लिए एमडीए कर्मचारियों ने गेट पर तालाबंदी कर दी। इससे कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के साथ ही अपने काम से पहुंचे लोग भी अंदर फंस गए। बाहर किसानों का धरना चलता रहा और अंदर कामकाज प्रभावित रहा। इस दौरान एक अधिवक्ता को कार्यालय में प्रवेश से रोकने पर बाउंसर से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई।



एमडीए उपाध्यक्ष ने दिया बैठक का भरोसा

किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर एमडीए उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी मांगों को शासन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को लखनऊ में अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बैठक प्रस्तावित है। बैठक में किसानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जा सकता है।

किसानों ने तीनों आवासीय योजनाओं से दो-दो किसानों की समिति गठित कर वार्ता में शामिल कराने की मांग रखी है।

165 और 690 रुपये के मुआवजे का अंतर बना मुद्दा

किसान नेता प्रदीप कसाना ने बताया कि एमडीए ने वर्ष 1990 में वेदव्यासपुरी, लोहियानगर और गंगानगर में आवासीय योजनाएं शुरू की थीं। वेदव्यासपुरी में किसानों की जमीन 165 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से ली गई थी। वहीं, शताब्दीनगर में किसानों को जमीन के लिए 690 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर दी गई थी।

मुआवजे की दर में इस अंतर को लेकर वेदव्यासपुरी, लोहियानगर और गंगानगर के किसान लंबे समय से नाराज हैं। किसान बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर कई बार एमडीए कार्यालय के चक्कर काटने के साथ धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

काम कराने पहुंचे लोग भी हुए परेशान

एमडीए कार्यालय में तालाबंदी के कारण अपने काम से पहुंचे लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई घंटे तक कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मुआवजे की मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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