बचपन का सपना हुआ साकार, इंजीनियर आर्यन मलिक बने लेफ्टिनेंट
बागपत। बड़ौत क्षेत्र के कासिमपुर खेड़ी गांव निवासी इंजीनियर आर्यन मलिक ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर परिवार, गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। स्वर्गीय हरनारायण मलिक (लाखिया) के पौत्र और गजेंद्र मलिक व रश्मि मलिक के पुत्र आर्यन की सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीण और रिश्तेदार उन्हें बधाई देने के लिए घर पहुंच रहे हैं।
आर्यन ने दिल्ली के महाराजा सूरजमल इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बचपन से भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देशसेवा करने का सपना संजोया था। कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने अपने इस सपने को साकार किया।
5 सितंबर को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में आर्यन ने सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया। इस दौरान उनके माता-पिता ने उनकी वर्दी पर लेफ्टिनेंट के सितारे लगाकर उन्हें देशसेवा के नए दायित्व के लिए आशीर्वाद दिया। यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा।
आर्यन के पिता गजेंद्र मलिक दिल्ली सरकार से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी माता रश्मि मलिक दिल्ली सरकार के आईटीआई में शिक्षिका हैं। माता-पिता के संस्कार, अनुशासन और प्रोत्साहन को आर्यन अपनी सफलता की अहम प्रेरणा मानते हैं।आर्यन के सेना में अधिकारी बनने की खबर गांव पहुंचते ही कासिमपुर खेड़ी में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे पूरे गांव के लिए गौरव का क्षण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आर्यन की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है। उन्होंने साबित किया कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प से बचपन के सपने को हकीकत में बदला जा सकता है।



No comments:
Post a Comment