तिब्बत में फिर कांपी धरती, 3.7 तीव्रता का भूकंप
शुक्रवार तड़के 4:02 बजे आया झटका, 30 किलोमीटर गहराई में था केंद्र; कुछ दिन पहले 5.3 तीव्रता के भूकंप से हिले थे नेपाल तक
नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी तिब्बत में शुक्रवार तड़के एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.7 रही। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 30 किलोमीटर की गहराई में था।
NCS के मुताबिक, भूकंप सुबह 4 बजकर 2 मिनट पर आया। फिलहाल इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। पिछले कुछ दिनों से तिब्बत और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।
8 सितंबर को आया था 5.3 तीव्रता का भूकंप
इससे पहले 8 सितंबर को भी तिब्बत में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटके पड़ोसी नेपाल में भी महसूस किए गए थे। लगातार भूकंप आने से क्षेत्र में लोगों की चिंता बढ़ी हुई है।
पश्चिम बंगाल और अफगानिस्तान में भी झटके
शुक्रवार को भारत के पश्चिम बंगाल में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। NCS के अनुसार, सुबह 6:56 बजे अलीपुरद्वार में आए भूकंप की तीव्रता 3.0 रही और इसका केंद्र जमीन से करीब 9 किलोमीटर नीचे था।
इसके अलावा अफगानिस्तान में भी भूकंप आया। इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई और इसका केंद्र जमीन के भीतर करीब 163 किलोमीटर की गहराई में बताया गया।
टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से आते हैं भूकंप
भूकंप मुख्य रूप से धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने, खिसकने या एक-दूसरे के नीचे जाने के कारण आते हैं। प्लेटों की हलचल से धरती के अंदर जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे सतह पर कंपन महसूस होता है। भूकंप की तीव्रता और गहराई के आधार पर इसका प्रभाव कम या अधिक हो सकता है।

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