मेरठ बंद से थमी रफ्तार: आवास विकास के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, बाजार बंद; 1100 क्लीनिकों की OPD ठप

शास्त्री नगर में बारिश के बीच धरना-प्रदर्शन, मकान-व्यापार बचाने की मांग; 300 से अधिक नर्सिंग होम बंद, करीब चार हजार मरीज परेशान, इमरजेंसी सेवाएं जारी

मेरठ। उप्र आवास एवं विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को मेरठ बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शास्त्री नगर के गुरुद्वारा रोड पर बड़ी संख्या में लोग मकान, व्यापार और रोजगार बचाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। बारिश के बावजूद शास्त्री नगर, जागृति विहार और माधवपुरम समेत कई इलाकों से महिलाएं और स्थानीय लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। स्कूलों की शिक्षिकाओं ने भी आंदोलन में भाग लिया।

संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन के चलते शास्त्री नगर, जागृति विहार, माधवपुरम और सेंट्रल मार्केट में कई दुकानें बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे मकान और कारोबार बचाने की लड़ाई बताया।

बारिश में भी डटे रहे प्रदर्शनकारी

गुरुद्वारा रोड पर भारी संख्या में लोगों के पहुंचने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने भीड़ को देखते हुए मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोक दिया। प्रदर्शन स्थल पर प्रशासन की ओर से टेंट लगाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद लोग बारिश के बीच जमीन पर ही धरने पर बैठ गए। ट्रैक्टर को मंच बनाकर प्रदर्शनकारियों ने सभा को संबोधित किया।

संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने कहा कि आवास एवं विकास परिषद द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष लोगों के मकान, व्यापार और रोजगार को बचाने के लिए है। प्रदर्शन को मुखिया गुर्जर, मेजर हिमांशु, नितेश राजपूत समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया।

बंद का स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर

मेरठ बंद का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। मेरठ नर्सिंग होम एसोसिएशन और आईएमए मेरठ के समर्थन से बुधवार को जिलेभर में नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। सुबह आठ बजे से शहर के 300 से अधिक छोटे-बड़े नर्सिंग होम और करीब 1100 क्लीनिकों में ओपीडी नहीं चली।

नियमित जांच, इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों से बिना मिले ही लौटना पड़ा। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में इलाज नहीं मिलने के कारण कई मरीज मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओर गए। बंद के चलते करीब चार हजार मरीजों के प्रभावित होने का अनुमान है।

इमरजेंसी सेवाएं रखी गईं चालू

मेरठ नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पंवार ने बताया कि मेरठ बंद के समर्थन में डॉक्टरों ने अपनी नियमित ओपीडी सेवाएं सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक स्थगित रखने का निर्णय लिया है।

हालांकि गंभीर मरीजों को देखते हुए निजी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बंद के दौरान मानवीय संवेदनाओं और गंभीर मरीजों की जरूरत को प्राथमिकता दी जा रही है।

आईएमए मेरठ की अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी ने भी मेरठ बंद में नर्सिंग होम एसोसिएशन को समर्थन देने की बात कही।

बंद का असर कई इलाकों में

मेरठ बंद के चलते शहर के प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी गतिविधियां प्रभावित रहीं। आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों और क्षेत्रवासियों के आंदोलन से शहर में जगह-जगह बंद का असर दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि परिषद की कार्रवाई पर रोक लगाकर प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

1 comment:

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