SOG के पुलिसकर्मी भी जांच के रडार पर, दिग्विजय भाटी-मोहित जाटव ने लगाए मारपीट के आरोप
पूर्व SSP अविनाश पांडे समेत 9 पुलिसकर्मियों पर हो चुकी है कार्रवाई, सिविल लाइन के दो दरोगाओं की भूमिका भी जांच के घेरे में
मेरठ। पूर्व एसएसपी अविनाश पांडे और सिविल लाइन थाने के आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और पुलिस लाइन में थर्ड डिग्री दी गई। अधिकारियों ने आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।
इसके साथ ही सिविल लाइन थाने के दो दरोगाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि दिग्विजय और मोहित ने उच्चाधिकारियों के सामने दोनों पुलिसकर्मियों के नाम लिए हैं। जांच पूरी होने के बाद उनकी भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
मामले की शुरुआत 8 जुलाई को ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़ी है। परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हत्यारों को बचाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे भी मौके पर पहुंचे थे।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और एसएसपी पर भी प्रदर्शनकारियों से हाथापाई करने के आरोप लगे। इसी दौरान पुलिस वैन में हिरासत में लिए गए रवि गौतम के साथ मारपीट का मामला सामने आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
कांवड़ यात्रा के कारण कार्रवाई में हुई देरी
घटना के बाद तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि इसी दौरान कांवड़ यात्रा शुरू होने के कारण मामला कुछ समय के लिए ठंडा पड़ गया। यात्रा समाप्त होने के बाद भी तत्काल कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में एसएसपी के भाषण से जुड़े कुछ बयान भी चर्चा में रहे। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अटकलें फिर तेज हो गईं।
दिग्विजय और मोहित ने लगाए गंभीर आरोप
ललिता गौतम प्रकरण को लेकर आंदोलन कर रहे दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव भी बाद में पुलिस कार्रवाई की चपेट में आए। दोनों के मुताबिक, मोहित के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे के संबंध में पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद वे एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे।
दिग्विजय भाटी का आरोप है कि एसएसपी कार्यालय में उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें SOG के हवाले कर दिया गया। मोहित जाटव ने भी पुलिसकर्मियों पर मारपीट और पुलिस लाइन में थर्ड डिग्री देने के आरोप लगाए हैं।
रवि गौतम प्रकरण से जुड़ रहे आरोप
दिग्विजय और मोहित के आरोपों के बाद इस घटना की तुलना रवि गौतम के मामले से भी की जा रही है। रवि गौतम ने भी आरोप लगाया था कि एसएसपी कार्यालय में उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें SOG को सौंप दिया गया। उन्होंने पुलिस लाइन में भी कथित बर्बरता के आरोप लगाए थे।
हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित घटनाओं में कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल थे और लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
पूर्व SSP समेत नौ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में पूर्व एसएसपी अविनाश पांडे समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। अविनाश पांडे को लखनऊ अटैच किया गया है। वहीं सिविल लाइन थाने के आठ पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। इनमें तत्कालीन थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ भी शामिल हैं।
अब जांच का फोकस SOG के उन पुलिसकर्मियों पर है, जिन पर दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने मारपीट तथा थर्ड डिग्री देने के आरोप लगाए हैं। साथ ही सिविल लाइन थाने के दो दरोगाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


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