स्टाइल और सुकून के लिए पहली पसंद बने कॉटन के ट्रेंडी कपड़े
हवा में नमी बढ़ने से अब उमस भरी गर्मी ने शहरवासियों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। इस चिपचिपे मौसम में तीखी धूप के साथ-साथ शरीर से निकलने वाला अत्यधिक पसीना लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ऐसे में खुद को राहत देने और इस चुभती गर्मी से बचने के लिए शहर के लोगों ने अपने पहनावे में बड़ा बदलाव करना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि शहर के कपड़ा बाजारों से लेकर बड़े मॉल्स और ब्रांडेड स्टोर्स तक में इन दिनों होजरी, सूती और खादी के कपड़ों की मांग में उछाल देखा जा रहा है।
मॉल और स्टोर्स में उमड़ रही युवाओं की भीड़
इस बदलते वेदर ट्रेंड को देखते हुए शहर के तमाम मॉल, रीटेल आउटलेट्स व अन्य प्रमुख स्टोर्स में युवाओं को देखा जा रहा है। युवा स्टाइल के साथ-साथ कंफर्ट को पहली प्राथमिकता दे रहे है। दुकानदारों के मुताबिक, युवा अब ऐसे फैब्रिक को चुन रहे हैं जो शरीर को पूरी तरह ब्रीदेबल स्पेस दें और पसीने को आसानी से सोख सकें। इस मामले में होजरी के लाइटवेट टी-शर्ट्स, ओवरसाइज्ड ड्रॉप-शोल्डर टीज और कॉटन-खादी के को-आर्ड सेट्स युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं।
कुर्ता और कुर्ती का बढ़ा क्रेज, सदाबहार हुई खादी
गर्मी के इस सीजन में पारंपरिक और इंडो-वेस्टर्न लुक का फ्यूजन खूब पसंद किया जा रहा है। वर्तमान में सूती और खादी के कपड़ों में लान्ग व शार्ट कुर्ता और कुर्तियों की डिमांड अधिक है। कालेज जाने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं में पेस्टल कलर्स की काटन कुर्तियां और प्लाजो सेट्स की भारी डिमांड है। युवा वर्ग में खादी के शार्ट कुर्ते और लिनन-कॉटन की शर्ट्स का ट्रेंड देखा जा रहा है, जो आफिस और कैजुअल वियर दोनों में कूल लुक देते हैं।
क्यों सुकून दे रहे हैं ये फैब्रिक
उमस भरे मौसम में सिंथेटिक, नायलान या पालिएस्टर के कपड़े पहनने से त्वचा से पसीना साफ नहीं होता, जिससे घमौरियां, फंगल इन्फेक्शन और स्किन एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। इसके विपरीत, सूती और खादी के कपड़े शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं और हवा के आवागमन को बनाए रखते हैं। वहीं, होजरी फैब्रिक अपनी स्ट्रेचेबिलिटी और साफ्टनेस के कारण घर और जिम में पहनने के लिए सबसे आरामदायक साबित हो रहा है।


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