औघड़नाथ में शिवरात्रि पर अभेद सुरक्षा

 ATS के घेरे में मंदिर, 1000 पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा; AI कैमरों से हर हरकत पर नजर

मेरठ। श्रावण मास की शिवरात्रि पर औघड़नाथ मंदिर में होने वाले जलाभिषेक को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहेगी। लाखों शिवभक्तों की संभावित भीड़ और मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। जलाभिषेक में अभी पांच दिन बाकी हैं, लेकिन ATS की टीम ने मंदिर परिसर में डेरा डालकर निगरानी शुरू कर दी है।

मंदिर और आसपास के क्षेत्र में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में करीब 1000 पुलिसकर्मियों के साथ आरएएफ, आरआरएफ और पीआरडी के जवान भी तैनात रहेंगे।

लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

श्रावण मास की शिवरात्रि पर औघड़नाथ मंदिर में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। त्रयोदशी से ही जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो जाता है और मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगती हैं।

हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़िये भी अपने गंतव्य की ओर रवाना होने से पहले औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन की भी व्यापक तैयारी की है।

तीन स्तरों में सुरक्षा व्यवस्था

मंदिर परिसर और आसपास के इलाके को तीन सुरक्षा घेरों में बांटा गया है।

  • पहले घेरे में ATS और विशेष सुरक्षा टीमें निगरानी करेंगी।
  • दूसरे घेरे में पुलिस और आरएएफ के जवान तैनात रहेंगे।
  • तीसरे घेरे में यातायात और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस, पीआरडी और अन्य सुरक्षा बलों की होगी।

संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा जांच भी बढ़ा दी गई है।

गर्भगृह के ऊपर बनेगा हाईटेक कंट्रोल रूम

मंदिर के गर्भगृह के ठीक ऊपर प्रथम तल पर अत्याधुनिक कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। यहां बड़ी स्क्रीन के जरिए मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास मार्गों और आसपास के प्रमुख स्थानों की लाइव निगरानी की जाएगी।

कंट्रोल रूम से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर रखेंगे। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए संबंधित टीमों को निर्देश दिए जाएंगे।

अस्थायी पुलिस चौकी और स्वास्थ्य शिविर

मंदिर परिसर में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई है। यहां से सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाएगी। मंदिर के बाहर स्थित स्थायी पुलिस चौकी पर भी 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र और स्वास्थ्य शिविर भी बनाए जा रहे हैं। इससे किसी श्रद्धालु के बिछड़ने या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

तीन प्रमुख रास्तों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

शिवरात्रि के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीन प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। नैंसी चौराहा, बालाजी मंदिर चौराहा और गोल्डन रेम पार्क से मंदिर की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

श्रद्धालुओं की पैदल आवाजाही के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी, ताकि भीड़ का दबाव कम रहे और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

AI कैमरों से होगी रियल टाइम निगरानी

मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में AI आधारित कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से भीड़ की गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रियल टाइम फुटेज के जरिए स्थिति की निगरानी कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल संबंधित टीम को निर्देश जारी किए जाएंगे।

शिवरात्रि से पहले मंदिर हाई अलर्ट पर

जलाभिषेक से कई दिन पहले ही औघड़नाथ मंदिर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ATS की तैनाती, त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, करीब 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, हाईटेक कंट्रोल रूम और AI कैमरों के जरिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है।

प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटने पर है।

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