तीन बार शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान: लेखपाल पर जमीन की पैमाइश में गड़बड़ी का आरोप
नंगला सलेमपुर के योगेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, खसरा नंबर 154, 155 और 156 की दोबारा पैमाइश की मांग
मेरठ। किठौर थाना क्षेत्र के ग्राम नंगला सलेमपुर निवासी योगेंद्र कुमार ने राजकीय इंटर कॉलेज की भूमि की पैमाइश और कथित कब्जे के मामले में लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर तीन बार शिकायत करने के बावजूद जमीन से जुड़ी मूल समस्या का समाधान नहीं हुआ और शिकायतों को कागजों में निस्तारित कर दिया गया।
योगेंद्र कुमार के मुताबिक उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज की बाउंड्री और उससे संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने के लिए 11 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का संदर्भ संख्या 40013826009966 बताई गई है। उनका आरोप है कि संबंधित लेखपाल ने 9 अप्रैल को शिकायत का निस्तारण कर दिया, लेकिन मौके पर समस्या का समाधान नहीं हुआ और उन्हें अपेक्षित पैमाइश रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
दूसरी-तीसरी शिकायत भी निस्तारित, समस्या बरकरार
पहली शिकायत से संतुष्ट नहीं होने पर योगेंद्र कुमार ने 6 जुलाई 2026 को दोबारा जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसका संदर्भ संख्या 40013826032339 बताया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसे भी 5 अगस्त को निस्तारित दिखा दिया गया।
इसके बाद उन्होंने तीसरी शिकायत दर्ज कराई, जिसका संदर्भ संख्या 40013826032440 बताया गया है। योगेंद्र कुमार के अनुसार यह शिकायत भी 6 अगस्त को निस्तारित कर दी गई, जबकि जमीन की पैमाइश और कथित कब्जे से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
खसरा 154, 155 और 156 की पैमाइश पर उठाए सवाल
शिकायत में खसरा नंबर 154, 155 और 156 का उल्लेख किया गया है। योगेंद्र कुमार का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति में अंतर है। उनका दावा है कि शिजरे के अनुसार संबंधित खसरा नंबरों की लंबाई करीब 120 मीटर है, जबकि मौके पर यह करीब 130 मीटर दिखाई दे रही है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि लंबाई में कथित अंतर से राजकीय इंटर कॉलेज की भूमि की सीमा प्रभावित हो रही है। उन्होंने शिजरे और राजस्व अभिलेखों के आधार पर दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराने की मांग की है।
लेखपाल पर मिलीभगत और पैमाइश में गड़बड़ी का आरोप
योगेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि कुछ भूमि मालिकों और कथित भूमाफिया को लाभ पहुंचाने के लिए पैमाइश में गड़बड़ी की गई। उनका दावा है कि कॉलेज की जमीन की लंबाई कम करके निजी खेतों की लंबाई बढ़ाई गई है।
हालांकि, रिश्वत लेने, मिलीभगत और भूमाफिया से संबंध होने जैसे आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित लेखपाल या अन्य पक्ष का पक्ष भी अभी सामने नहीं आया है।
राजकीय इंटर कॉलेज की जमीन पर कब्जे का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजकीय इंटर कॉलेज की जमीन पर कथित रूप से कब्जा कर वहां गन्ने की फसल उगा दी गई है। उनका कहना है कि यदि शिजरे और राजस्व अभिलेखों के अनुसार मौके पर दोबारा पैमाइश कराई जाए तो भूमि की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, राजस्व अधिकारियों की टीम भेजकर भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराने और यदि अवैध कब्जा पाया जाए तो नियमानुसार कार्रवाई कराने की मांग की है।
वायरल वीडियो में भी कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर योगेंद्र कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। वीडियो में वह अपनी समस्या बताते हुए राजकीय इंटर कॉलेज की जमीन की पैमाइश कराने और कथित कब्जे की जांच कर कार्रवाई की मांग करते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अब निष्पक्ष जांच पर टिकी निगाहें
योगेंद्र कुमार ने मांग की है कि खसरा नंबर 154, 155 और 156 की शिजरे के अनुसार निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए तथा राजकीय इंटर कॉलेज की भूमि की वास्तविक सीमा निर्धारित की जाए। यदि जांच में किसी प्रकार का अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे नियमानुसार हटाया जाए।
फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित लेखपाल अथवा अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक एवं राजस्व जांच के बाद ही भूमि की वास्तविक स्थिति, कथित कब्जे और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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