खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ एमडीएसयू में मना राष्ट्रीय खेल दिवस

मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि, खिलाड़ियों को किया सम्मानित; कुलपति ने कहा—खेल व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम

मेरठ, 29 अगस्त। महान हॉकी खिलाड़ी एवं भारतीय खेल जगत के अमर नायक मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (एमडीएसयू), मेरठ में राष्ट्रीय खेल दिवस भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों, अनुशासन, समर्पण और गौरवशाली खेल विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर स्थित एमडीएसयू के अस्थायी कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत से हुई। इसके बाद मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के साथ शपथ, योग और भाषण कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मेजर ध्यानचंद के जीवन, संघर्ष, खेल उपलब्धियों और राष्ट्र के प्रति योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।

बास्केटबॉल और वॉलीबॉल में दिखा उत्साह

खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के अंतर्गत बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और योग सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा दिया गया।

राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का सम्मान

समारोह का विशेष आकर्षण राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर और प्रतिभाग कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों का सम्मान रहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने खिलाड़ियों के परिश्रम और समर्पण की सराहना के साथ अन्य विद्यार्थियों एवं उभरती खेल प्रतिभाओं को भी प्रेरित किया।

खेल राष्ट्र निर्माण का माध्यम : कुलपति

विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने मेजर ध्यानचंद के जीवन और उनके असाधारण खेल योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा, अनुशासन, विनम्रता, निरंतर अभ्यास और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने विद्यार्थियों और खिलाड़ियों से मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेकर मेहनत, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। युवा खिलाड़ी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का प्रयास करें।

कार्यक्रम में वित्त अधिकारी पंकज चतुर्वेदी, कुलसचिव सुनील कुमार झा, विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने विभिन्न कार्यक्रमों एवं खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। पूरे आयोजन में ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ की भावना नजर आई। खिलाड़ियों के सम्मान, विद्यार्थियों के उत्साह और विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक सहभागिता ने राष्ट्रीय खेल दिवस को यादगार बना दिया।

एमडीएसयू ने आयोजन के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं, खेल विज्ञान, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और प्रतियोगितात्मक अवसर उपलब्ध कराने के संकल्प को दोहराया। विश्वविद्यालय का लक्ष्य प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है, ताकि ‘खेलेगा उत्तर प्रदेश, जीतेगा भारत’ की भावना को साकार किया जा सके।

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