नई तकनीकों से जुड़े मेरठ का खेल उद्योग, दुनिया में छाने की क्षमता: विशेषज्ञ
स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग फोरम-2026 में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सेमिनार, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और एआई समेत आधुनिक तकनीकों पर मंथन
मेरठ, 19 अगस्त। मेरठ के खेल सामान उद्योग को आधुनिक तकनीक, बेहतर गुणवत्ता और कुशल श्रमशक्ति से जोड़ा जाए तो यह वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। बुधवार को परतापुर बाईपास स्थित ब्रावुरा गोल्ड रिसॉर्ट के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्पोर्ट इंडिया एक्सपो-2026 अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सेमिनार में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने यह बात कही।
स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग फोरम-2026 के तहत आयोजित सेमिनार में भारत के अलावा अमेरिका, श्रीलंका, चीन और ताइवान से पहुंचे करीब 50 विशेषज्ञ वक्ताओं तथा लगभग 500 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन स्पोर्ट इंडिया फाउंडेशन ने एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से किया। विनेक्स एंटरप्राइजेज, एलर एंटरप्राइजेज और पसवाड़ा ग्रुप कॉरपोरेट सहयोगी रहे।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी वैश्विक पहचान
मुख्य अतिथि कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि मेरठ देश के प्रमुख खेल सामान निर्माण केंद्रों में शामिल है। आधुनिक तकनीक, बेहतर गुणवत्ता और कुशल श्रमशक्ति पर ध्यान देकर यहां का उद्योग अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।
इंडियन एग्जीबिशन सर्विसेज के सीईओ डॉ. स्वदेश कुमार ने कहा कि फोरम का उद्देश्य स्थानीय निर्माताओं को तकनीक, सरकारी योजनाओं, उद्योग विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने उद्योग, सरकार और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल को मेरठ को वैश्विक खेल सामान निर्माण केंद्र बनाने के लिए जरूरी बताया।
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और एआई पर चर्चा
सेमिनार में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, तकनीकी टेक्सटाइल, स्वदेशी खेल उपकरण, स्पोर्ट्स फुटवियर, पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। इसके अलावा कौशल विकास, निर्यात, एमएसएमई और ओडीओपी योजनाओं के जरिए उद्योग को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
विनेक्स एंटरप्राइजेज के निदेशक शेखर भल्ला ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता, डिजाइन, अनुसंधान, ऑटोमेशन और आधुनिक निर्माण तकनीकों को महत्वपूर्ण बताया। एमएसएमई डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रभारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. आरके भारती ने उद्यमियों से एमएसएमई योजनाओं, तकनीकी उन्नयन, कौशल विकास और ओडीओपी योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और साझेदारी पर मंथन
सेमिनार में अमेरिका के शादाब करीम, श्रीलंका की थिलिनी यशोरा सूरियाराच्ची और थीक्षणा गमनपिला, चीन की हेडी झोउ तथा ताइवान के ची तिएन-चिया समेत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने आधुनिक निर्माण तकनीक, निर्यात और वैश्विक व्यापार की संभावनाओं पर जानकारी साझा की।
इस दौरान ‘ट्रांसफॉर्मिंग इंडियाज स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम’ विषय पर पैनल चर्चा भी हुई। इसमें उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भारतीय खेल सामान निर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उपायों पर विचार किया।
कार्यक्रम में खेल सामान निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के बीच संवाद हुआ। साथ ही नए कारोबारी अवसर, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।


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