बच्चों की सुपुर्दगी की मन्नत लेकर कांवड़ पर निकलीं अलीशाबानो, मेरठ में शिवभक्तों ने किया स्वागत
मेरठ। बच्चों से बिछड़ने का दर्द और उन्हें वापस पाने की उम्मीद... इसी मन्नत को लेकर गाजियाबाद की अलीशाबानो हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। शुक्रवार को दिल्ली-देहरादून हाईवे के कांवड़ मार्ग से दादरी बॉर्डर होते हुए मेरठ सीमा में प्रवेश करने पर सकौती में उनका जोरदार स्वागत किया गया।
अलीशाबानो भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपने दोनों बच्चों की सुपुर्दगी की मन्नत मांग रही हैं। उनका कहना है कि बच्चों को वापस पाने के लिए वह दिल्ली की अदालत में कानूनी लड़ाई भी लड़ रही हैं। इसी संघर्ष के बीच उन्होंने कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया और हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की।
सकौती में हुआ स्वागत, भेंट की गई राम परिवार की प्रतिमा
मेरठ में प्रवेश करने पर सकौती में युवा बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष आदेश चौधरी ने अलीशाबानो और उनके साथ कांवड़ ला रहीं तमन्ना मलिक का स्वागत किया। उन्हें भगवान राम परिवार और वीर हनुमान की प्रतिमा भेंट की गई। आयोजकों ने यात्रा के दौरान हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
अलीशाबानो ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें शिवभक्तों और सेवा शिविरों से लगातार सहयोग और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कहीं भी उन्हें असहज महसूस नहीं हुआ। लोगों के व्यवहार और सहयोग ने उनके विश्वास को और मजबूत किया है।
पति से तलाक के बाद बच्चों की सुपुर्दगी के लिए लड़ रहीं कानूनी लड़ाई
अलीशाबानो के अनुसार, उनके पति इरफान ने उन्हें तलाक दिया था। उनका आरोप है कि इसके बाद उन पर हलाला करने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उनके दोनों बच्चों को उनसे अलग कर दिया गया।
अलीशाबानो अब बच्चों की सुपुर्दगी के लिए दिल्ली की अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। इसी बीच उन्होंने बच्चों को वापस पाने की मन्नत के साथ हरिद्वार से गंगाजल उठाया है। उनका कहना है कि वह भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपने बच्चों की वापसी की प्रार्थना करेंगी।
दूसरी बार कांवड़ लेकर निकलीं तमन्ना मलिक
अलीशाबानो के साथ कांवड़ यात्रा कर रहीं तमन्ना मलिक भी इस यात्रा में उनका साथ दे रही हैं। तमन्ना ने बताया कि फरवरी में उन्होंने एक मन्नत के साथ कांवड़ यात्रा की थी, जो पूरी हो गई। इसके बाद वह दोबारा कांवड़ लेकर निकली हैं और इस बार अपनी कांवड़ का जोड़ा भी पूरा कर रही हैं।
तमन्ना ने कहा कि वह अलीशाबानो के संघर्ष और उनकी मन्नत में उनके साथ हैं। उन्होंने बच्चों की सुपुर्दगी की उनकी इच्छा पूरी होने की प्रार्थना भी की।
बच्चों को वापस पाने की आस, हाथों में कांवड़ और मन में मन्नत लेकर अलीशाबानो की यह यात्रा मेरठ में आस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदना और भाईचारे की भी तस्वीर पेश कर रही है।


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