पुराने व्यावसायिक वाहनों को बदलने पर मिलेंगी कई बड़ी रियायतें

परिवर्तन योजना की समीक्षा, डीएम ने पात्र वाहन स्वामियों को लाभ दिलाने के दिए निर्देश

मेरठ, 29 अगस्त। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश सरकार की ‘परिवर्तन योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र व्यावसायिक वाहनों को योजना का लाभ दिलाने के संबंध में बैठक हुई। बैठक में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को स्वच्छ एवं नए वाहनों से बदलने तथा वाहन स्वामियों को मिलने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि योजना की अवधि 14 जुलाई 2026 से 13 जुलाई 2028 तक है। योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि भी 13 जुलाई 2028 निर्धारित है। इसके तहत मुख्य रूप से ट्रक और बस पात्र होंगे। पुराने वाहन का बीएस-3 या उससे पुराना उत्सर्जन मानक होना चाहिए तथा वह 30 अप्रैल 2026 तक एनसीआर में पंजीकृत होना आवश्यक है। पात्र पुराने वाहन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) पर स्क्रैप कराना होगा।

वाहन के प्रतिस्थापन के लिए नया वाहन बीएस-6 डीजल, सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक श्रेणी का होना चाहिए। योजना के तहत मोटर वाहन कर में 10 वर्ष तक 100 प्रतिशत छूट और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसके अलावा वाहन ऋण पर पांच वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज सहायता तथा निर्माता की ओर से न्यूनतम 8 प्रतिशत एक्स-शोरूम छूट का प्रावधान किया गया है।

निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करने वाले वाहन स्वामियों को स्क्रैपिंग, सीओडी, ईंधन वाउचर और ईवी प्रोत्साहन समेत अन्य लाभ भी मिलेंगे। योजना में सरकारी स्वामित्व वाले वाहन, कार, दोपहिया, ट्रैक्टर और गैर-परिवहन निजी वाहन पात्र नहीं होंगे।

प्रचार-प्रसार और सहयोग के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों, परिवहन व्यवसायियों, वाहन डीलरों और आरवीएसएफ संचालकों को आपसी समन्वय से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र वाहन स्वामियों को योजना की प्रक्रिया और लाभों की जानकारी देकर आवेदन में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी राम प्रसाद, जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन विकास कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन सुधांशु रंजन सहित परिवहन व्यवसायी, ट्रांसपोर्टर, वाहन निर्माता एवं डीलर, आरवीएसएफ संचालक तथा अन्य संबंधित हितधारक मौजूद रहे।

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