मराठी नहीं आती तो लाइसेंस पर संकट! महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए नया नियम
18 अगस्त से लागू होंगे नए प्रावधान, मराठी की व्यावहारिक जानकारी नहीं होने पर तीन महीने तक लाइसेंस निलंबित; बार-बार उल्लंघन पर स्थायी रद्दीकरण का प्रावधान
मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए अब मराठी भाषा की व्यावहारिक जानकारी जरूरी होगी। राज्य सरकार ने मोटर वाहन नियमों में संशोधन करते हुए यात्री परिवहन वाहनों के ड्राइवरों और परमिट धारकों के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। नए नियम 18 अगस्त 2026 से लागू होंगे।
सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जो दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र आकर ऑटो, टैक्सी और कैब चलाकर रोजगार करते हैं और जिन्हें मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है।
मराठी नहीं आई तो तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, यदि कोई कमर्शियल यात्री वाहन चालक मराठी भाषा की निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करता है और राज्य में वाहन चलाता पाया जाता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जाने का भी प्रावधान है।
किन ड्राइवरों पर लागू होगा नियम?
महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप आधारित मोटर कैब के ड्राइवरों तथा परमिट धारकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने बताया यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि यात्रियों के साथ बेहतर संवाद के लिए यात्री परिवहन वाहनों के ड्राइवरों को मराठी भाषा की कामकाजी जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाषा का ज्ञान यात्रियों की चिंताओं को समझने और सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
परिवहन मंत्री ने विभाग को नए नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि संशोधन से मौजूदा नियमों में मौजूद अस्पष्टता भी दूर होगी।
दूसरे राज्यों से आए ड्राइवरों की बढ़ सकती है मुश्किल
मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में दूसरे राज्यों से आए बड़ी संख्या में लोग ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चलाकर आजीविका कमाते हैं। इनमें कई ड्राइवर हिंदी के जरिए यात्रियों से बातचीत करते हैं। ऐसे में नए नियम लागू होने के बाद उन्हें मराठी भाषा की व्यावहारिक जानकारी हासिल करनी होगी, अन्यथा लाइसेंस पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


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