स्वाइन फ्लू की दस्तक से मेरठ अलर्ट, अस्पतालों में अलग फ्लू ओपीडी

15 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क, मेडिकल कॉलेज में 20 और जिला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित

मेरठ। लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत और दिल्ली में बढ़ते मामलों के बीच मेरठ में स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल समेत सभी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार को लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। संभावित मरीजों के लिए अलग से फ्लू ओपीडी संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर मेरठ से अब तक 15 स्वाइन फ्लू के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें एक मामला जुलाई का है, जबकि अन्य मामले अगस्त में सामने आए हैं। शनिवार सुबह उप मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। इसके बाद मेरठ में भी निगरानी और जांच बढ़ा दी गई।

मेडिकल कॉलेज में 20 बेड आरक्षित

लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में फ्लू ओपीडी शुरू कर दी गई है। यहां गंभीर मरीजों के लिए स्वाइन फ्लू वार्ड में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें एक बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। पीएल शर्मा जिला अस्पताल में भी 10 बेड आरक्षित किए गए हैं।

मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में एच1एन1 की आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है। जिले के अस्पतालों से स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फ्लू ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच के साथ उनका रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा और प्रतिदिन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

इन क्षेत्रों से सामने आए मामले

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहरी क्षेत्र में प्रेम प्रयाग कॉलोनी, गढ़ रोड, सराय जीना, गुदड़ी बाजार, नेहरू नगर, मलियाना और जागृति विहार से स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जानी खुर्द, हस्तिनापुर, पिलोना और जनजोखर में भी मरीज मिले हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद ने लोगों से अपील की है कि सर्दी-जुकाम, खांसी अथवा फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल चिकित्सकीय जांच कराएं। समय पर जांच और उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। अ

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