अनरजिस्टर्ड कीटनाशक वाली मच्छर अगरबत्तियों पर यूपी सरकार का शिकंजा
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नियमों का पालन नहीं करने वाली और अनरजिस्टर्ड कीटनाशकों से तैयार की जा रही मच्छर अगरबत्तियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कृषि विभाग की टीमों ने सीतापुर जिले के लहरपुर, बिसवां, महोली, सीतापुर और मिश्रिख में छापेमारी कर विभिन्न उत्पादों के नमूने लिए और दुकानदारों को ऐसे उत्पादों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन मच्छर अगरबत्तियों में मेपरफ्लुथ्रिन नामक कीटनाशक के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे हैं। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिक रहे कीट-नियंत्रण उत्पादों की वैधता और निर्धारित मानकों की जांच करना है।
कई नामों से बाजार में बिक्री का दावा
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ऐसी मच्छर अगरबत्तियां स्वीट नाइट, डायनासोर, कम्फर्ट, श्री डेंगू किलर, ब्लैक डॉट ड्रैगन, सुकून, छू मंतर और परम पावर जैसे नामों से बाजार में बेची जा रही थीं। अधिकारियों ने दुकानदारों को नियमों का पालन करने वाले उत्पाद ही बेचने की हिदायत दी है।
कई जिलों में पहले भी कार्रवाई
बताया गया है कि पिछले छह महीनों में वाराणसी, बलरामपुर, अमरोहा, फिरोजाबाद, चंदौली, बहराइच, प्रयागराज, मैनपुरी, अलीगढ़ और अयोध्या समेत प्रदेश के कई जिलों में भी ऐसे उत्पादों के खिलाफ छापेमारी और कानूनी कार्रवाई की गई है।
ग्राहकों की जागरूकता जरूरी
होम इंसेक्ट कंट्रोल एसोसिएशन (HICA) के ऑनरेरी सेक्रेटरी जयंत देशपांडे ने कहा कि घरों में इस्तेमाल होने वाले मच्छर नियंत्रण उत्पादों का नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। उन्होंने अवैध उत्पादों के खिलाफ कृषि विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं तक केवल मानकों का पालन करने वाले उत्पाद पहुंचें, इसके लिए लगातार कार्रवाई के साथ जागरूकता भी जरूरी है।
कृषि विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।


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