पुलिस बर्बरता के विरोध में छात्रों का पैदल मार्च, एडीएम सिटी व एसपी सिटी ने समझाकर रोका
सीसीएसयू गेट से मार्च निकाल रहे छात्रों की एसएसपी से कराई मुलाकात, प्रतिनिधिमंडल ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
मेरठ। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ पुलिस बर्बरता के विरोध में सीसीएसयू गेट से पैदल मार्च निकाल रहे छात्रों को एडीएम सिटी ब्रिजेश सिंह और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने समझाकर रोक दिया। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद एसपी सिटी ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की एसएसपी से मुलाकात कराई।
सीसीएसयू गेट से निकला था पैदल मार्च
छात्र किसान नेताओं के साथ कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़ रहे थे। सूचना मिलने पर एडीएम सिटी और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर आने से यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अधिकारियों के समझाने के बाद छात्रों ने पैदल मार्च रोक दिया।
एसएसपी के सामने रखीं प्रमुख मांगें
एसपी सिटी ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को एसएसपी से मिलवाया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से हिमांशु सिद्धार्थ ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। उन्होंने ललिता गौतम हत्याकांड के आंदोलन में जिन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लेने, तत्कालीन एसएसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन
एसएसपी ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रत्येक मांग पर शासन की गाइडलाइन और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्रों का प्रतिनिधिमंडल वापस लौट गया।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने छात्रों से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मौके पर स्थिति सामान्य रही।


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