पीएम मोदी ने लाल किले से कहा- ‘हथियारबंद नक्सल गए, दिमागी नक्सलियों से सावधान रहें’
80वें स्वतंत्रता दिवस पर 75 मिनट का संबोधन; युवाओं, महिला आरक्षण और आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर
नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। करीब 75 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने नक्सलवाद, महिला आरक्षण, युवाओं को एआई प्रशिक्षण, विकसित भारत के लक्ष्य और आत्मनिर्भरता समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पीएम मोदी ने कहा कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने और युवाओं को भटकाने के अवसर तलाशते हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को पहचानने और अलग-थलग करने का आह्वान किया, ताकि युवा पीढ़ी को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ा जा सके।
महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से अपील
प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने वाले महिला आरक्षण कानून को लागू करने पर सभी राजनीतिक दलों से राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और राजनीतिक दल इस पहल का श्रेय भी ले सकते हैं, लेकिन महिला आरक्षण को लागू करने में सहयोग करें।
एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग
पीएम मोदी ने अपने भाषण में युवाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की स्किल ट्रेनिंग देगी। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की भी बात कही।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना देश का लक्ष्य है। इसके लिए कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच-सात दशकों में जो काम नहीं हो सके, उन्हें आने वाले पांच-सात वर्षों में पूरा करने का प्रयास करना होगा।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई वस्तुएं सस्ती और आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन अपनी क्षमताओं का विकास करना और देश के हितों की सुरक्षा स्वयं करना जरूरी है।
ग्लोबलाइजेशन और आपदाओं का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने वैश्वीकरण की बदलती परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब भारत को छोटे सपनों से काम नहीं चलाना है, बल्कि बड़े लक्ष्य तय करने होंगे। दृढ़ संकल्प के साथ कठिन परिस्थितियों और आपदाओं के बीच भी रास्ते निकाले जा सकते हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर पर 13वीं बार तिरंगा फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। इस अवसर पर पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम के गायन का भी उल्लेख किया गया।



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