फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क पर ईडी का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़-मोहाली में छापेमारी
आठ ठिकानों पर तलाशी, 20 लाख रुपये नकद जब्त; 50 लाख का बैंक बैलेंस फ्रीज, विदेशी ग्राहकों से ठगी का आरोप
नई दिल्ली। विदेशी नागरिकों से कथित ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय की टीम ने 21 अगस्त को चंडीगढ़, मोहाली और मध्य प्रदेश में आठ ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। तलाशी के दौरान करीब 20 लाख रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये का बैंक बैलेंस फ्रीज किया गया है।
अमेरिका-कनाडा के लोगों को बनाया निशाना
ईडी की जांच के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर विदेश में मौजूद अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाते थे। ग्राहकों के कंप्यूटर, प्रिंटर, आईपैड और एप्पल या माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े कथित तकनीकी सपोर्ट के नाम पर फर्जी पॉप-अप और कॉल भेजे जाते थे।
इन पॉप-अप में कंप्यूटर सिस्टम में तकनीकी खराबी होने का झूठा संदेश दिखाया जाता था। साथ ही एक टोल-फ्री नंबर दिया जाता था। ग्राहक उस नंबर पर फोन करता तो कॉल सेंटर का ऑपरेटर तैयार स्क्रिप्ट के जरिए उसे सिस्टम का रिमोट एक्सेस देने के लिए राजी करता था।
नकली तकनीकी सहायता के नाम पर वसूली
रिमोट एक्सेस मिलने के बाद आरोपियों की ओर से ग्राहकों को गैरजरूरी अथवा कथित फर्जी तकनीकी सेवाओं के लिए भुगतान करने को कहा जाता था। जांच एजेंसी के अनुसार पीड़ितों से वसूली गई रकम पेपाल, स्ट्राइप, बैंकिंग चैनल, बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के अलावा हवाला के जरिए भी ट्रांसफर की जाती थी।
विदेशी कंपनियों के खातों में घुमाया पैसा
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को अमेरिका स्थित विभिन्न विदेशी संस्थाओं के खातों के माध्यम से घुमाया जाता था। इनमें आरएचएल ऑपरेटिंग सॉल्यूशंस और आरजी सिक्योरिटी सॉल्यूशंस एलएलसी समेत अन्य संस्थाओं का उल्लेख किया गया है। ईडी के मुताबिक इन्फिमम एंटरप्राइजेज एलएलपी के बैंक खाते में भी कई विदेशी संस्थाओं से रकम आई, जिन्हें जांच में संदिग्ध डमी और शेल कंपनियों के रूप में देखा गया।
एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच पंजाब के एसएएस नगर स्थित सोहाना थाने में आईपीसी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। मामला मोहाली के सेक्टर-108 स्थित एमार के प्लॉट नंबर 29 से कथित फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए जाने से जुड़ा है। पंजाब पुलिस इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
आगे भी जारी रहेगी जांच
तलाशी के दौरान ईडी ने करीब 20 लाख रुपये नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। करीब 50 लाख रुपये का बैंक बैलेंस भी फ्रीज किया गया है। ईडी ने बताया कि मामले में धन के स्रोत, लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है तथा आगे की कार्रवाई जारी है।


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