सीबीटी कार्यशाला में चिंता, अवसाद और ओसीडी के उपचार की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण
मेरठ, 23 अगस्त। मानसिक स्वास्थ्य मिशन इंडिया और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “चिंता, अवसाद एवं ओसीडी में संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा के उन्नत अनुप्रयोग” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। अंतिम दिन एम्स नई दिल्ली के नैदानिक मनोवैज्ञानिक एवं सीबीटी विशेषज्ञ प्रो. गौरीशंकर कालोलिया और एसजीटी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद के डॉ. अभिषेक बंगा ने प्रतिभागियों को मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग के व्यावहारिक सिद्धांतों और तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षकों ने DARN और CAT तकनीकों की अवधारणा, उपयोग और काउंसलिंग के दौरान उनके व्यावहारिक प्रयोग को विस्तार से समझाया। केस उदाहरणों के माध्यम से बताया गया कि मोटिवेशनल इंटरव्यूइंग की मदद से धूम्रपान, शराब की लत, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों में सकारात्मक बदलाव के लिए आंतरिक प्रेरणा विकसित की जा सकती है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों ने चिंता, अवसाद और ओसीडी से जुड़े वास्तविक केस पर चर्चा की। इसके साथ ही सीबीटी तकनीकों के माध्यम से नकारात्मक विचारों और व्यवहारों को सकारात्मक दिशा में बदलने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
सीबीटी को बताया प्रमाण-आधारित तकनीक
समापन सत्र में आरजीपीजी कॉलेज की प्रोफेसर अनुराधा ने सीबीटी को मनोवैज्ञानिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रमाण-आधारित तकनीक बताया। सुभारती विश्वविद्यालय की डॉ. किरन तोमर ने कहा कि नकारात्मकता की शुरुआत विचारों से होती है और सीबीटी नकारात्मक विचारों को सकारात्मक व्यवहार में बदलने में मदद करती है।
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने कहा कि मनोवैज्ञानिकों और काउंसलर्स के लिए सीबीटी के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता और नैतिक मानकों का पालन भी जरूरी है।
मानसिक स्वास्थ्य मिशन इंडिया की निदेशक डॉ. शिल्पी राजपूत ने कहा कि बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच प्रशिक्षित और दक्ष पेशेवरों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने प्रमाण-आधारित मनोवैज्ञानिक तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम समन्वयक एवं मनोवैज्ञानिक शिवानी शर्मा ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। एमएचएम इंडिया की एग्जीक्यूटिव मैनेजर प्रिया पॉल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जल्द ही क्लिनिकल हिप्नोथेरेपी पर कार्यशाला आयोजित करने की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन इंटर्न सुमैया खान और भूपेंद्र सिंह ने किया।


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