पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग संसद में फिर उठी
सांसद डा. वाजपेयी ने कहा- 50 साल से अधिक समय से लंबित है मांग, सस्ता और सुलभ न्याय के लिए मेरठ में बेंच जरूरी
नई दिल्ली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग एक बार फिर राज्यसभा सांसद डा लक्ष्मी कांत वाजपेयी ने संसद में उठाई गई। उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सांसद डा वाजपेयी ने उपसभापति के माध्यम से सरकार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने का आग्रह किया।
सांसद ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग 50 साल से अधिक समय से की जा रही है, लेकिन अब तक यह मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर वादकारियों को मिलने वाले न्याय पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था का मूल सिद्धांत वादकारी के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। इसके लिए न्याय सस्ता और सुलभ होना जरूरी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हाईकोर्ट से संबंधित मामलों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, ऐसे में क्षेत्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना आवश्यक है।
चार बेंच की जरूरत बताई
सांसद ने अपने सुझाव में कहा कि हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों को जनसंख्या और क्षेत्रफल के अनुपात में देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में बनारस, गोरखपुर, मेरठ और आगरा में चार हाईकोर्ट बेंच स्थापित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में क्षेत्रफल, आबादी और लंबित मुकदमों का दबाव देश के अन्य हिस्सों की तुलना में बहुत अधिक रहेगा। ऐसे में न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में इन बेंचों की स्थापना पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
सांसद ने उपसभापति के माध्यम से संबंधित केंद्रीय मंत्री से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की लंबे समय से चली आ रही मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।


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