जैश-ए-मोहम्मद के लिए चंदा जुटाने वाला युवक मेरठ से गिरफ्तार
एटीएस ने मेरठ के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक मस्जिद से बिहार निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, जफर पिछले करीब छह वर्षों से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहा था और मस्जिदों के नाम पर चंदा एकत्र कर पाकिस्तान भेजने का प्रयास करता था।
एटीएस के आईजी प्रेम कुमार गौतम के मुताबिक, पूर्णिया जिले के मीरगंज निवासी जफर करीब एक महीने पहले बिहार से मेरठ आया था। जांच में उसके जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में होने की बात सामने आई है।
मसूद अजहर के साहित्य से प्रभावित होने का दावा
पूछताछ में जफर ने कथित तौर पर बताया कि पढ़ाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के बारे में पढ़ने के बाद उसके भीतर संगठन से जुड़ने और मुजाहिद बनने की इच्छा पैदा हुई। एटीएस के अनुसार, वह जैश प्रमुख मसूद अजहर के साहित्य और भड़काऊ तकरीरों से प्रभावित था तथा सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हिंसक जिहाद के लिए उकसाने का प्रयास करता था।
जफर के मोबाइल फोन की जांच में कई पाकिस्तानी जिहादी वाट्सऐप ग्रुप मिलने की बात कही गई है। इन ग्रुपों में जिहाद और चंदे से संबंधित बातचीत होने का दावा किया गया है। वह फेसबुक के जरिए भी जिहाद और खिलाफत से जुड़े बयान साझा करता था।
क्रिप्टो करेंसी के जरिए भेजने की कोशिश
जांच एजेंसी के मुताबिक, जफर ने पाकिस्तानी खाते में पैसा भेजने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने बाइनेंस अकाउंट की मांग की और कथित तौर पर अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों के संपर्क में आकर यूएसडीटी के माध्यम से कई बार रकम भेजी।
एटीएस ने उसके मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य कब्जे में लेकर उनकी विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में जफर से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
जफर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152, 61(2), 18 और 38 के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों, आपराधिक षड्यंत्र, आतंकवादी कृत्य की साजिश तथा आतंकवादी संगठन की सदस्यता या उसकी गतिविधियों में भागीदारी से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।


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