जन्म के पहले घंटे में मां का दूध, शिशु के स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव - सीएमओ
विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता अभियान, छह माह तक केवल स्तनपान की अपील
मेरठ, 6 अगस्त। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जिले में माताओं और परिवारों को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हर वर्ष 1 से 7 अगस्त तक मनाए जाने वाले इस सप्ताह का उद्देश्य नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और स्वस्थ विकास को बढ़ावा देना है।
सीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना और छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध देना उसके स्वस्थ विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। छह माह के बाद पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की सलाह दी जाती है।
मां का दूध शिशु के लिए संपूर्ण आहार
मां के दूध में मौजूद पोषक और रोग प्रतिरोधक तत्व शिशु को संक्रमण, दस्त और निमोनिया समेत कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। स्तनपान से मां के स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है और मां-शिशु के बीच भावनात्मक संबंध मजबूत होता है।
कुपोषण और शिशु मृत्यु दर कम करने में मददगार
सीएमओ ने कहा कि स्तनपान को बढ़ावा देकर कुपोषण और शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श शिविर और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य माताओं और परिवारों को स्तनपान के सही तरीके और इसके लाभों की जानकारी देकर समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है, ताकि हर नवजात को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिल सके।
मां और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद है स्तनपान
शिशु के लिए फायदे
- मां का दूध शिशु के लिए संपूर्ण और आसानी से पचने वाला आहार है।
- इसमें मौजूद एंटीबॉडी संक्रमण से बचाव में मदद करती हैं।
- दस्त, निमोनिया और अन्य संक्रमणों का खतरा कम करने में सहायक है।
- शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करता है।
- छह माह तक केवल स्तनपान कराने से शिशु को पर्याप्त पोषण मिलता है।
- मां और शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।
मां के लिए फायदे
- प्रसव के बाद गर्भाशय को सामान्य स्थिति में लौटने में मदद करता है।
- प्रसवोत्तर रक्तस्राव कम करने में सहायक हो सकता है।
- स्तनपान मां और शिशु के बीच मजबूत भावनात्मक संबंध बनाने में मदद करता है।
- लंबे समय में स्तन और अंडाशय के कैंसर के जोखिम को कम करने से जुड़ा है।
- स्तनपान प्राकृतिक और आर्थिक रूप से सहज पोषण का माध्यम है।
महत्वपूर्ण: विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ आम तौर पर जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने और पहले छह माह तक केवल मां का दूध देने की सलाह देते हैं। इसके बाद पूरक आहार के साथ स्तनपान दो वर्ष या उससे अधिक समय तक जारी रखा जा सकता है।


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