कांवड़ यात्रा मार्गों पर बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात
मेरठ। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) के निर्देश पर निगम के सभी 14 जनपदों में रैपिड रिस्पांस टीमें गठित की गई हैं, जो कांवड़ मार्गों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही हैऔर किसी भी विद्युत बाधा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो रही है।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि पिछले वर्षों के अनुभव और विभिन्न स्तरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इस वर्ष विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।
मेरठ में हुए प्रमुख कार्य
12,146 विद्युत पोलों पर सुरक्षा पन्नी लगाई गई। पहली बार
1,119 पोलों पर पीवीसी पाइप से कवर किया गया है।
472 ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग की गई।
882 स्थानों पर लाइन सैगिंग सुधारी गई।
830 स्थानों पर लाइन गार्डिंग की गई।
308 जर्जर एवं झुके पोल बदले गए।
739 जम्पर टाइट किए गए।
पश्चिमांचल के 14 जिलों में व्यापक तैयारी
डिस्कॉम के अंतर्गत मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, बिजनौर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, मुजफ्फरनगर, शामली, गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर में विशेष अभियान चलाकर विद्युत सुरक्षा संबंधी कार्य पूरे किए गए।
पूरे पश्चिमांचल क्षेत्र में अब तक—
70,451 विद्युत पोलों पर सुरक्षा पन्नी लगाई गई।
3,157 पोलों पर पीवीसी पाइप लगाए गए।
4,410 ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग की गई।
4,065 स्थानों पर लाइन सैगिंग दूर की गई।
2,749 स्थानों पर लाइन गार्डिंग की गई।
1,699 जर्जर एवं झुके पोल बदले गए।
4,219 जम्पर टाइट किए गए।
इसके अलावा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विद्युत पोलों पर हार्ड प्लास्टिक पाइप लगाए गए हैं, जिससे वर्षा और नमी के दौरान विद्युत रिसाव या दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।
प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और किसी भी विद्युत बाधा की सूचना मिलते ही तत्काल आपूर्ति बहाल करें।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति पश्चिमांचल डिस्कॉम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


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