यूपी में सबसे ज्यादा बारिश मेरठ में, मुजफ्फरनगर दूसरे नंबर पर; 624 मिमी पानी बरसा, शहर में जलभराव
मेरठ। मानसून इस बार मेरठ पर जमकर मेहरबान है। 1 जून से 6 अगस्त तक मेरठ में 624 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। मेरठ के बाद मुजफ्फरनगर में 621 मिमी बारिश हुई है। वहीं गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में इस अवधि में प्रदेश के सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल हैं।
बुधवार से शुरू हुई बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे तक मेरठ में करीब 80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई थी।
मेरठ में सामान्य से 83% ज्यादा बारिश
इस मानसून सीजन में मेरठ में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। 1 जून से 6 अगस्त तक जिले में 624 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 83 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
जुलाई में भी मेरठ में सामान्य से करीब ढाई गुना ज्यादा बारिश हुई थी। अकेले जुलाई में करीब 585 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगस्त के शुरुआती छह दिनों में भी 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे अगस्त में मेरठ में सामान्य रूप से करीब 217 मिलीमीटर बारिश होती है।
मुजफ्फरनगर भी बारिश में आगे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ और मुजफ्फरनगर इस बार सबसे ज्यादा बारिश वाले जिलों में बने हुए हैं। 1 जून से 6 अगस्त तक मुजफ्फरनगर में 621 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सबसे अधिक बारिश वाले जिलों में मेरठ और मुजफ्फरनगर के अलावा संभल, महराजगंज, बिजनौर और बहराइच भी शामिल हैं।
1 जून से 6 अगस्त तक बारिश का आंकड़ा:
- मेरठ- 624 मिमी
- मुजफ्फरनगर- 621 मिमी
- संभल- 560 मिमी
- महराजगंज- 525 मिमी
- बिजनौर- 514 मिमी
- बहराइच- 503 मिमी
गाजियाबाद और नोएडा में सबसे कम बारिश
जहां मेरठ और मुजफ्फरनगर में बारिश ने रिकॉर्ड स्तर छुआ है, वहीं एनसीआर के गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में बारिश काफी कम हुई है।
सबसे कम बारिश वाले जिलों में:
- गौतमबुद्धनगर- 78 मिमी
- गाजियाबाद- 96 मिमी
- कौशांबी- 95 मिमी
- शामली- 112 मिमी
- रायबरेली- 121 मिमी
बारिश से शहर में जलभराव, कांवड़ियों का सफर जारी
लगातार बारिश के कारण मेरठ शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर कांवड़ यात्रा के बीच बारिश के बावजूद शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते दिखाई दिए।
धान और गन्ने के लिए फायदेमंद बारिश
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र के प्रभारी डॉ. यूपी शाही के मुताबिक मेरठ और मुजफ्फरनगर में सबसे अधिक बारिश देखने को मिली है। व्यापक क्षेत्र में हुई बारिश से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की संभावना है।
कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरएस सेंगर ने बताया कि लगातार बारिश धान और गन्ने की फसल के लिए उपयोगी है। हालांकि सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
मेरठ में मानसून का असर साफ है- बारिश ने जहां किसानों को राहत दी है, वहीं शहर में जलभराव ने नगर व्यवस्था की चुनौती भी बढ़ा दी है।


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