आगरा कैंट पर हंगामा: RPF जवानों ने डिप्टी एसएस को पीटा, घसीटकर थाने ले गए; 4 सस्पेंड
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों द्वारा एक ऑन-ड्यूटी उप स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) की बेरहमी से पिटाई करने और उन्हें जमीन पर घसीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के 4 कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक कमेटी भी गठित की गई है।
महिला यात्री को बचाने पर शुरू हुआ विवाद
घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की है, जब अमृतसर से विशाखापट्नम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रुकी थी। लुधियाना की एक महिला यात्री रंजीता राव प्लेटफॉर्म पर पेठा खरीदने उतरी थीं, लेकिन खुले पैसे न होने के कारण उन्हें देरी हो गई और ट्रेन चलने लगी। महिला को दौड़ता देख वहां तैनात डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर ने सुरक्षा के लिहाज से गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई, जिससे महिला सुरक्षित कोच में चढ़ गई।
बिना रसीद जुर्माना वसूलने पर टोकना पड़ा भारी
अचानक ट्रेन रुकने पर आरपीएफ के एएसआई और कांस्टेबलों ने इसे चेन पुलिंग समझ लिया। उन्होंने महिला के साथ यात्रा कर रहे आशीष कुमार को ट्रेन में चढ़ने से रोक दिया और उन पर ₹1,000 का जुर्माना ठोक दिया। महिला का आरोप है कि आरपीएफ कर्मियों ने पैसे तो ले लिए, लेकिन उसकी कोई रसीद नहीं दी।
जब डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर ने बीच-बचाव करते हुए आरपीएफ कर्मियों को बताया कि ट्रेन चेन पुलिंग से नहीं, बल्कि उनके कहने पर रोकी गई है, तो आरपीएफ कर्मी भड़क गए।
यात्री की अधूरी रही यात्रा: आरपीएफ और रेल अधिकारी के बीच हुए इस विवाद के चलते हीराकुंड एक्सप्रेस काफी देर तक स्टेशन पर खड़ी रही। प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई और अफरातफरी का माहौल बन गया। इस हंगामे के कारण पीड़ित महिला यात्री रंजीता राव और उनके पति को ट्रेन से उतरना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा भी पूरी नहीं हो सकी।
मारपीट का वीडियो वायरल, रेलवे ने बिठाई जांच
विवाद इतना बढ़ा कि आरपीएफ के जवानों ने ऑन-ड्यूटी डिप्टी एसएस के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्हें जमीन पर गिराकर घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले जाया गया। अन्य रेल अधिकारियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरपीएफ कर्मी नहीं माने। घटना का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी आरपीएफ जवानों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।


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