गौमाता के मुद्दे पर शंकराचार्य का सरकार को अल्टीमेटम, बोले- सुधार नहीं हुआ तो करेंगे बहिष्कार की अपील
बाराबंकी। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार पर गौ संरक्षण के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि आठ माह के भीतर गौ संरक्षण और गौमाता को सम्मान देने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी विधानसभा चुनाव में उन दलों के बहिष्कार की अपील की जाएगी, जो उनकी मांगों का समर्थन नहीं करेंगे।
बाराबंकी में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने दावा किया कि उनकी यात्रा किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि गौ संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश की 354 विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से संवाद किया जा चुका है और सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का लक्ष्य है। उन्होंने लोगों से गौ संरक्षण के समर्थन का संकल्प लेने की भी अपील की।
शंकराचार्य ने मांग की कि गौमाता को राज्य स्तर पर विशेष दर्जा दिया जाए और केंद्र सरकार राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में पहल करे। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो चुनाव के दौरान इसे प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा।
यात्रा में विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी ओर से किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, जो भी व्यक्ति या दल गौ संरक्षण के पक्ष में है, वह यात्रा में शामिल हो सकता है। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी गौ संरक्षण के मुद्दे पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी शंकराचार्य ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


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