Gen-Z को ‘जनरेशन गटर’ कहना कंगना रनौत को पड़ा भारी, हिमाचल से भोपाल तक विरोध

महिला कांग्रेस ने फूंका पुतला, हिमाचल के मंत्रियों ने भी साधा निशाना; बयान पर माफी की मांग

मंडी। नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे Gen-Z युवाओं और युवतियों को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत की विवादित टिप्पणी पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कंगना के ‘जनरेशन गटर’ वाले बयान के विरोध में हिमाचल प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक तक महिला कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कई जगह कंगना का पुतला फूंककर उनके बयान पर नाराजगी जताई गई।

मंडी के दौहदी क्षेत्र में हिमाचल महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष तृप्ता ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना ने Gen-Z युवतियों को लेकर आपत्तिजनक और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया है। महिला कांग्रेस ने कंगना से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

तृप्ता ठाकुर ने कहा कि कंगना एक महिला सांसद हैं और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं। ऐसे में महिलाओं के प्रति इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बयानबाजी जारी रही तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।

कंगना ने Gen-Z को बताया ‘जनरेशन गटर’

Gen-Z प्रदर्शनकारियों के कुछ सोशल मीडिया वीडियो सामने आने के बाद कंगना रनौत ने टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘जनरेशन गटर’ बताया था। उन्होंने प्रदर्शन में कथित अभद्र भाषा और व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए Gen-Z की जीवनशैली, स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद को लेकर भी तीखी टिप्पणियां कीं।

कंगना की इसी टिप्पणी को लेकर विपक्षी दलों और महिला संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों से असहमति जताने के अधिकार को स्वीकार करते हुए विरोध करने वालों का कहना है कि युवाओं और विशेष रूप से युवतियों के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

हिमाचल के मंत्रियों ने भी घेरा

कंगना के बयान पर हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह और राजेश धर्माणी ने भी निशाना साधा। विक्रमादित्य सिंह ने सवाल उठाया कि देश का युवा भविष्य है या ‘कूड़ा-कचरा’। उन्होंने कहा कि युवाओं के आंदोलन को लेकर सांसद को गंभीरता से अपनी बात रखनी चाहिए।

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान यदि कुछ लोगों ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया तो वह भी उचित नहीं था, लेकिन सांसद होने के नाते कंगना को अपनी बात मर्यादा के साथ रखनी चाहिए।

संसद में भी उठा मुद्दा

कंगना के बयान का मुद्दा संसद तक पहुंच गया। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भाजपा नेतृत्व से कंगना को समझाने की बात कही और कहा कि Gen-Z को ‘गटर’ कहना युवाओं का अपमान है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि देश का युवा ऐसे बयानों का जवाब देगा।

CJP ने भी किया पलटवार

Gen-Z प्रदर्शन से जुड़े संगठन CJP की ओर से भी कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया सामने आई। संगठन के प्रवक्ताओं ने कहा कि युवाओं को ‘कॉकरोच’ और ‘गटर’ कहने के बजाय उनके मुद्दों पर बात होनी चाहिए। संगठन ने कंगना की टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

कई राज्यों में प्रदर्शन

कंगना रनौत के बयान के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के अलावा भोपाल, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में भी महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भोपाल में महिला कांग्रेस ने कंगना का पुतला फूंका और उनसे इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवाओं और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

कंगना के बयान को लेकर अब सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर जहां भाजपा सांसद ने प्रदर्शनकारियों के कथित अमर्यादित व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, वहीं विपक्ष और महिला संगठन उनकी भाषा को लेकर माफी की मांग कर रहे हैं।

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