CCSUका 38वां दीक्षांत समारोह संपन्न, 199 मेधावियों को मिले स्वर्ण पदक

राज्यपाल ने किया भवनों का ऑनलाइन लोकार्पण-शिलान्यास, नशामुक्ति, कौशल विकास और चरित्र निर्माण का दिया संदेश

मेरठ, 22 जुलाई। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का 38वां दीक्षांत समारोह बुधवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में भव्य रूप से आयोजित हुआ। समारोह में विभिन्न संकायों के 199 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। साथ ही विश्वविद्यालय की 66,971 उपाधियों को डिजिलॉकर से जोड़ा गया।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, नशामुक्त भारत अभियान से जुड़ने तथा अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को अपनाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष 75 प्रतिशत से अधिक पदक छात्राओं ने प्राप्त किए हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बेटा-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और युवा प्रतिभाओं में निहित है।

उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा 50 गांव गोद लेने, टीबी मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उपलब्धियों, नैक 'ए प्लस' ग्रेड, शोध संस्कृति और आधुनिक पुस्तकालय जैसी पहलों की सराहना की। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एनीमेशन, गेमिंग, अंतरिक्ष विज्ञान, मेडिकल टूरिज्म और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताया।

 नई तकनीक, अनुसंधान, कौशल और नवाचार विकसित भारत-2047 की आधारशिला - डा. हिमांशु 

मुख्य अतिथि एवं इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (आईक्रिसैट) के महानिदेशक डॉ. हिमांशु शुक्ला ने कहा कि नई तकनीक, अनुसंधान, कौशल और नवाचार विकसित भारत-2047 की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर स्वयं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।

डिग्री केवल प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संकल्प - रजनी तिवारी 

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री  रजनी तिवारी ने कहा कि डिग्री केवल प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संकल्प है। उन्होंने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुसंधान को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया।

कच्छ की लोककला ,हस्तशिल्प सरंक्षण के योगदान के लिए रसीलाबेन कांजीभाई डुंगरिया को डी.लिट. (मानद) उपाधि 

समारोह में कच्छ की लोककला, हस्तशिल्प संरक्षण और महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुश्री रसीलाबेन कांजीभाई डुंगरिया को डी.लिट. (मानद) उपाधि से सम्मानित किया गया। कुलाधिपति स्वर्ण पदक एम.ए. (ड्राइंग एंड पेंटिंग) की छात्रा काजल तथा डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक एलएलएम की छात्रा मुक्ता भारद्वाज को प्रदान किया गया। किसान ट्रस्ट, नई दिल्ली के प्रतिभा पुरस्कार वर्णिका शर्मा और रुचि कुमारी को दिए गए।

समारोह में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मेधावियों के साथ अभिभावक भी पदक लेने पहुंचे 

 विवि के इतिहास में दीक्षांत समारोह में कुछ बदलाव किया गया। पहली बार पदकधारी मेधावियों के साथ उनके अभिभावक भी मंच तक पहुंचे। अपने बच्चों को राज्यपाल के  हाथों सम्मानित होता देख कई अभिभावकों के आंखों में खुशी के आंसू निकल आए । 

कड़ी चैकिंग के बाद प्रेक्षागृह में दिया गया प्रवेश 

 दिल्ली में छात्राें पर लाठी चार्ज के बाद किसी हंगामे को देखते हुए बुधवार को विवि के अंदर कड़ी सुरक्षा रही । बिना पास के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया। वही सुभाष चन्द्र चंन्द्र प्रेक्षागृह में तीन लेयर चेैकिंग की गयी। पहले प्रेक्षागृह के बाहर मुख्य द्वार पर चेकिंग की गयी। इसके खुफिया विभाग ने सीढियाें पर सघन तलाशी ली। इस दौरान सिर पर काली पगड़ी व कैप काे उतार दिया गया । इस बाद को लेकर काफी हंगामा हुआ। 

विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों में ड्रग सप्लाई का दावा, शराब की बोतलें मिलने पर राज्यपाल ने जताई चिंता

राज्यपाल बोलीं- बाहर से आने वाले खाने के जरिए हॉस्टलों तक पहुंच रहा नशा, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील

मेरठ। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने करीब 15 विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों का निरीक्षण किया है, जहां बाहर शराब की बोतलें पड़ी मिलीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टलों में बाहर से आने वाले खाने के जरिए ड्रग्स पहुंचाया जा रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन और कुलपतियों को इस संबंध में तस्वीरें तक दिखाई हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से हॉस्टलों में नशे की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने और विद्यार्थियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की अपील की।

युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील

राज्यपाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि नशे की आदत धीरे-धीरे व्यक्ति के सपनों, प्रतिभा, स्वास्थ्य और परिवार की उम्मीदों को नष्ट कर देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने भविष्य और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नशे से पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया।

ट्रेन से सफर कर ले रहीं व्यवस्थाओं का जायजा

राज्यपाल ने बताया कि जमीनी हकीकत जानने के लिए वह ट्रेन से भी सफर कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने ट्रेन और रेलवे ट्रैक पर गंदगी की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जहां भी उन्हें अव्यवस्था नजर आती है, उसकी तस्वीरें संबंधित अधिकारियों के साथ साझा कर उन्हें सुधार के लिए अवगत कराया जाता है।


मुख्य बिंदु

  • 199 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान।
  • राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों का ऑनलाइन लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
  • 66,971 उपाधियों को डिजिलॉकर में शामिल किया गया।
  • लोककला एवं महिला सशक्तिकरण में योगदान के लिए रसीलाबेन कांजीभाई डुंगरिया को डी.लिट. (मानद) उपाधि।
  • पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
  • बुलंदशहर, हापुड़ और गाजियाबाद में एचपीवी टीकाकरण अभियान से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

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