कांवड़ यात्रा को लेकर बड़ा ट्रैफिक प्लान:
दिल्ली-दून हाईवे और मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की नो एंट्री
29 जुलाई की रात से लागू होगा डायवर्जन, 5 अगस्त से दिल्ली-दून हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद करने की तैयारी; गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के भी बदलेंगे रूट
मेरठ, 27 जुलाई। कांवड़ यात्रा-2026 को देखते हुए मेरठ पुलिस ने यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर लिया है। कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कांवड़ यात्रा नहर पटरी पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 29 जुलाई की रात 12 बजे से भारी वाहनों का डायवर्जन लागू किया जाएगा, जो 12 अगस्त तक प्रभावी रह सकता है।
दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर 5 अगस्त की आधी रात से 12 अगस्त की रात तक हरिद्वार-मुजफ्फरनगर-मेरठ दिशा में यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने की तैयारी है। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद से मेरठ की ओर आने वाले भारी वाहनों और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
हल्के वाहनों के लिए भी बदलेगा रूट
2 अगस्त की रात 12 बजे से हल्के और मध्यम वाहनों के लिए भी डायवर्जन व्यवस्था लागू की जाएगी। एनएच-68 पर मेरठ-मुजफ्फरनगर-हरिद्वार दिशा में हल्के और मध्यम वाहन बाईं लेन पर दोनों दिशाओं में चलेंगे, जबकि दाईं लेन हरिद्वार से आने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी। कांवड़ियों की संख्या और यातायात की स्थिति के आधार पर व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय
अंबाला और यमुनानगर से उत्तराखंड जाने वाले भारी वाहनों को एनएच-344 बाईपास से छुटमलपुर, चौकी मोहंड होते हुए देहरादून भेजा जाएगा। हरिद्वार जाने वाले वाहन छुटमलपुर से भगवानपुर और रुड़की होकर हरिद्वार पहुंचेंगे।
राजस्थान, दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से सहारनपुर व उत्तराखंड जाने वाले वाहनों को डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और खेकड़ा इंटरचेंज से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा। दिल्ली से उत्तराखंड जाने वाले वाहनों को वजीराबाद, आउटर रिंग रोड, कुंडली, राई, सोनीपत, पानीपत, करनाल और यमुनानगर के रास्ते वैकल्पिक मार्ग से भेजने की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली-एनसीआर से आने वाले वाहनों के लिए भी डायवर्जन
दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले हल्के व मध्यम वाहनों को डासना से पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और खेकड़ा इंटरचेंज से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा। वहीं, दिल्ली से सहारनपुर और उत्तराखंड जाने वाले वाहनों के लिए कुंडली, राई, सोनीपत, पानीपत, करनाल और यमुनानगर होकर वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है।
गाजियाबाद से बिजनौर जाने वाले वाहनों को डासना, पिलखुवा, हापुड़ बाईपास, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज और मीरापुर के रास्ते गंगा बैराज की ओर भेजा जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों का भी बदलेगा रूट
कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को भी निर्धारित स्थानों पर उतारकर वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। हापुड़, गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले वाहनों को सिंभावली कट से नीचे उतारकर एनएच-9, डासना और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते खेकड़ा से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा।
वहीं, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर की ओर जाने वाले वाहनों को सिंभावली कट से एनएच-9 पर उतारकर हापुड़-मेरठ बाईपास, टियाला अंडरपास, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज और मीरापुर के रास्ते गंतव्य तक भेजा जाएगा।
बिजौली कट से मेरठ आने वाले वाहनों को उसी मार्ग पर यू-टर्न कर मेरठ की ओर भेजा जाएगा, जबकि बिजनौर, दिल्ली और गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को टियाला, हापुड़ की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ियों की संख्या, सड़क की स्थिति और यातायात के दबाव को देखते हुए रूट डायवर्जन में जरूरत के अनुसार बदलाव किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ ही आम यात्रियों के लिए भी यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।


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