राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

 SIT जांच की निगरानी से किया इनकार,जांच टीम में चार्टर्ड अकाउंटेंट को शामिल करने का निर्देश

 दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली, 27 जुलाई। राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम टिप्पणी करते हुए विशेष जांच टीम (SIT) की जांच की निगरानी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने जांच को निष्पक्ष, सही और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करने के लिए SIT में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को शामिल करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से SIT की जांच की सीधे निगरानी करने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह जांच की मॉनिटरिंग नहीं करेगी, लेकिन जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने SIT को जांच की प्रगति से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुझाए गए अधिकारियों के नाम के आधार पर नई SIT का गठन किया जा रहा है। जांच टीम का नेतृत्व एस. किरण कर रहे हैं। टीम में DIG, IG और SP स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। अदालत ने अब जांच की वित्तीय और लेखा संबंधी पहलुओं की विशेषज्ञता के लिए एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी टीम में शामिल करने को कहा है।

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से नई SIT के गठन के लिए अधिकारियों के नाम सुझाने को कहा था। राज्य सरकार की ओर से गठित SIT पहले ही अदालत के समक्ष जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश कर चुकी है। सोमवार की सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल ने भी अदालत को बताया कि सरकार की ओर से SIT के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश के बाद अब SIT से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के साथ निर्धारित समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है। मामले की अगली सुनवाई में जांच की प्रगति पर अदालत के समक्ष स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

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