कैंट बोर्ड की अनदेखी से वीर अब्दुल हमीद पार्क बदहाल, प्रशासन भी बेखबर

डीएम, कमिश्नर से लेकर रक्षा मंत्री तक पहुंचाएंगे मामला

मेरठ। देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की स्मृतियों को संजोने की जिम्मेदारी भले ही प्रशासन और स्थानीय निकायों की हो, लेकिन क्रांतिधरा मेरठ में एक ऐसा ही स्मारक आज उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है। जली कोठी स्थित वीर अब्दुल हमीद पार्क (क्रांति पार्क) बदहाली की स्थिति में पहुंच चुका है।

पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी कैंटोनमेंट बोर्ड की है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से पार्क की स्थिति सुधारने को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार इस मामले को प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

यह पार्क 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की स्मृति में बनाया गया था। युद्ध के दौरान वीर अब्दुल हमीद ने दुश्मन के कई पैटन टैंकों को नष्ट कर भारतीय सेना के साहस और शौर्य का परिचय दिया था। ऐसे वीर योद्धा की स्मृति से जुड़े इस पार्क की बदहाली को लेकर अब लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

मामले को लेकर पूर्व विधायक हरेंद्र अग्रवाल और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. यूसुफ कुरैशी ने पार्क को उसका सम्मानजनक स्वरूप दिलाने का बीड़ा उठाया है। दोनों के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर पार्क की स्थिति सुधारने की मांग करेगा।

प्रतिनिधिमंडल की ओर से मांग की जाएगी कि वीर अब्दुल हमीद की स्मृति से जुड़े इस स्थल का सौंदर्यीकरण कराया जाए, नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और इसे एक प्रेरणास्थल के रूप में विकसित किया जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि देश के वीर सपूतों की यादों से जुड़े स्थलों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और कैंट बोर्ड को इस दिशा में तत्काल कदम उठाकर इस ऐतिहासिक स्थल को उसका गौरव वापस दिलाना चाहिए।

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