कांवड़ यात्रा को लेकर शासन अलर्ट, मुख्य सचिव और डीजीपी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

जीरो इंसीडेंट-जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ तैयारी, सीमावर्ती राज्यों से समन्वय पर जोर

मेरठ। कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को मेरठ मंडलायुक्त सभागार में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडल के साथ उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों का प्रस्तुतिकरण भी दिया।

सकुशल यात्रा कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि कांवड़ यात्रा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विशाल आयोजन है। इसे बिना किसी अप्रिय घटना और दुर्घटना के संपन्न कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, स्वच्छता, सैनिटेशन, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, जल निकासी और मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कांवड़ शिविरों में विद्युत सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और अन्य मानकों का पालन कराने के निर्देश दिए गए।

चिकित्सा व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर चिकित्सा शिविर, बाइक एंबुलेंस और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रहे। अस्पतालों में पर्याप्त बेड आरक्षित रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके।

उन्होंने कहा कि कांवड़ उठाने वाले स्थानों, स्नान घाटों, प्रमुख मंदिरों और जलाभिषेक स्थलों पर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और चिकित्सा व्यवस्था मजबूत रखी जाए।

डीजीपी ने असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के दिए निर्देश

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और एक्सप्रेस-वे के प्रवेश व निकास बिंदुओं पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सही मार्ग की जानकारी मिल सके।

उन्होंने पड़ोसी राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही डीजे संचालन को सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुसार कराने, डीजे संचालकों के सत्यापन और स्टंटबाजी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा।

सोशल मीडिया पर अफवाहों की निगरानी

डीजीपी ने सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक खबरों और फेक नैरेटिव पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपत्तिजनक सूचना के सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और असामाजिक तत्वों को पहले से चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंचे मुख्य सचिव

बैठक से पहले मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मेरठ स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर कांवड़ यात्रा से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जलाभिषेक किया।

बैठक में एडीजी भानु भास्कर, मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी मेरठ डॉ. वीके सिंह, एसएसपी मेरठ अविनाश पांडे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सीमावर्ती राज्यों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।


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